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बच्चे को सौंपा 20 को, रिकार्ड में 27 तक बाल गृह में मौजूदगी

Sun, 29 Mar 2015 01:50 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
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राजकीय बाल गृह से सौंपे गए तीन साल के बच्चे के भीख मांगने के मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी शनिवार को बाल गृह पहुंची। जांच में बाल कल्याण समिति और बाल गृह की अधीक्षक की लापरवाही उजागर हुई। कथित माता-पिता को बच्चे के सुपुर्दगी की तिथि में भी गड़बड़ी मिली। बच्चे को दोबारा बाल गृह में दाखिल करा दिया गया है। शनिवार को जब बच्चे के माता पिता को खोजा गया तो वह नहीं मिले।
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बता दें, बाल गृह से सात दिन पहले कथित माता पिता की सुपुर्दगी में दिया गया तीन साल का बच्चा शुक्रवार की शाम को सेंट जोंस चौराहा पर भीख मांगते हुए मिला था। सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस ने इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी। बच्चे को बाल गृह के सुपुर्द किया। बताया गया कि इस बच्चे को कुछ दिन पहले रावली मंदिर के नजदीक रहने वाले भोला और मुन्नी अपना बच्चा बताकर ले गए थे। मामले में शनिवार को डीपीओ उमा माहेश्वरी ने बाल गृह पहुंचकर जांच की। उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया है कि बच्चे को सुपुर्दगी में देने से पहले पूरी छानबीन नहीं की गई। बिना आईडी और फोटो के बच्चे को सौंप दिया गया था। पते का भी सत्यापन नहीं कराया गया। डीपीओ ने बाल गृह के रिकार्ड चेक किए। इसमें बच्चे की मौजूदगी 27 मार्च तक बाल गृह में दिखाई गई है, जबकि बच्चा 20 मार्च को ही सुपुर्दगी में दे दिया गया था। गृह के कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। उधर, जब शनिवार को बच्चे के माता-पिता को खोजा गया तो वह रावली मंदिर के पास नहीं मिले।
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