देहात में तेज करना था आंदोलन
क्रांतिकारी दस अगस्त की शाम को किनारी बाजार पहुंचे लेकिन वहां पुलिस का पहरा था। इतिहासकार बताते हैं कि पुलिस को पता चल गया कि युवाओं की टोली बेलनगंज और किनारी बाजार के कुछ मकानों में गुप्त बैठकें करती थी। इसके बाद युवाओं ने नूरी दरवाजा का रुख किया। यहां एक युवक के घर पर बैठक हुई और देहात क्षेत्र में आंदोलन को गति देने पर चर्चा की गई। युवाओं के गुट अलग-अलग टुकड़ियों में उसी रात देहात क्षेत्रों के क्रांतिकारियों से मिलने के लिए रवाना हो गए।
अंग्रेजों ने किया प्रताड़ित
रेलवे स्टेशनों को निशाना बनाने वाले युवाओं की तलाश में पुलिस ने कई जगह दबिश दी। कई क्रांतिकारियों की गिरफ्तारियां भी हुईं। अंग्रेजों ने उन्हें प्रताड़ित किया फिर भी आजादी के मतवालों ने हार नहीं मानी। -शशि शिरोमणी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रकाश नारायण शिरोमणी के परिजन
क्रांति की ज्वाला: अगस्त क्रांति के पहले शहीद थे परशुराम, गुप्त बैठक के बाद आगरा की सड़कों पर उतर आए थे हजारों लोग