एसटीएफ की टीम की गाड़ी का शीशा टूटा
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सिकंदरा में गांव सींगना के पास संदिग्धों की चेकिंग करने पर एसटीएफ टीम पर ढाबा संचालक और उनके साथियों ने हमला बोल दिया। लाठी-डंडों से पीटा। दरोगा और सिपाहियों ने खेतों में भागकर खुद को बचाया। बाद में आरोपियों ने पुलिसकर्मियों की गाड़ी को तोड़ दिया। थाना पुलिस ने पहुंचकर चार आरोपियों को पकड़ लिया। मामले में ढाबा संचालक सहित चार नामजद और 10-15 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसटीएफ आगरा यूनिट के एसआई अमित गोस्वामी ने मुकदमा दर्ज कराया है। शुक्रवार रात को वो राधा नगर निवासी अमित उपाध्याय और हेड कांस्टेबल संतोष कुमार के साथ रैपुरा जाट से विशेष कार्य कर लौट रहे थे। आगरा की तरफ सींगना गांव की सीमा पर बृज ढाबा पर उतरकर कुछ संदिग्धों को देखकर रुक गए। इसके बाद पूछताछ करने लगे। तभी ढाबा संचालक अभिषेक, भगवान सिंह, रमेश, अनिल निवासी अरसेना आ गए। उनके साथ 10-15 लोग भी थे। उन्होंने पूछताछ का विरोध किया। इसके बाद गालीगलौज शुरू कर दी। उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन लाठी-डंडे निकाल लिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों से मारपीट शुरू कर दी। इस पर पुलिसकर्मियों ने खेतों में भागकर खुद को बचाया।
आरोपियों ने एक गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। मारपीट में एसआई अमित गोस्वामी, हेड कांस्टेबल संतोष कुमार, अमित उपाध्याय के चोट लगीं। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक कमलेश सिंह ने बताया कि बलवा, मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी अभिषेक, भगवान सिंह, रमेश और अनिल को गिरफ्तार कर लिया। ढाबे के सीसीटीवी फुटेज देखे जा रहे हैं। अन्य आरोपियों की पहचान की जाएगी।
ढाबा संचालक ने एसटीएफ कर्मियों पर लगाए आरोप
पुलिस के गिरफ्तार करने के बाद ढाबा संचालक अभिषेक ने आरोप लगाया कि एसटीएफ के कुछ सदस्य हाईवे स्थित पान मसाला की दुकान के सामने लघुशंका कर रहे थे। उन्होंने वर्दी नहीं पहन रखी थी। उन्हें आगे जाकर लघुशंका करने के लिए बोल दिया था। इस पर विवाद करने लगे। दुकानदार से मारपीट कर दी। शोरशराबा होने पर वो लोग आ गए। एसटीएफकर्मियों के बारे में पता नहीं था। इस दौरान मारपीट हो गई।