हटें अटल के आंगन के बबूल, बने स्मारक
अस्थि कलश विसर्जन के वक्त अटलजी के खंडहर की सफाई हुई थी। उनके घर के आंगन को बबूल के पेड़ों ने फिर से घेर लिया है। विकास के नाम पर यहां पर एक ईंट नहीं लगी है। अटलजी की पाठशाला भी उपेक्षित पड़ी है। उपेक्षा से आहत यहां के लोग चाहते हैं कि अटलजी के घर के बबूल हटें, इसे स्मारक के रूप में विकसित किया जाये।
पर्यटन कांपलेक्स का हो जीर्णोद्धार
बटेश्वर आने वाले पर्यटकों के लिए 6 अप्रैल 1999 में अटलजी ने राही पर्यटन कांपलेक्स का लोकार्पण किया था। अब कांपलेक्स के दरवाजे, खिड़की, शीशे टूटे पड़े हैं। टायलेट, कमरों की दीवारें दरक गई हैं। खंडहर में तब्दील हो रहे पर्यटन कांपलेक्स का जीर्णोद्धार हो तो यहा पर्यटक ठहरें और पर्यटन को बढ़ावा मिले।
बटेश्वर हॉल्ट बने अटल स्टेशन
24 दिसंबर 2015 में आगरा-इटावा वाया बटेश्वर रेल लाइन का उद्घाटन राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने किया था। अटलजी ने 6 अप्रैल 1999 में इसकी आधार शिला रखी थी। छह साल बीत गये। बटेश्वर हॉल्ट अंधेरे में है, पीने का पानी तक मयस्सर नहीं है। लोग चाहते हैं कि ट्रेनों की संख्या बढे़ और इसे अटल स्टेशन का दर्जा मिले।