आगरा। ईरान और इस्राइल के बीच छिड़े युद्ध की तपिश में मेवा बाजार भी झुलस रहा है। जंग के कारण ईरान से होने वाली सप्लाई चेन बाधित हो गई है, जिससे विशेष रूप से मामरा बादाम की आवक सात दिनों से पूरी तरह बंद है। बाजार में माल की कमी का फायदा उठाते हुए स्टॉकिस्ट अब प्रति किलो 1000 तक अतिरिक्त दाम वसूल रहे हैं।
ड्राई फ्रूट कारोबारी अशोक लालवानी के अनुसार, पिछले सात दिनों से बाजार में मामरा बादाम की नई खेप नहीं पहुंची है। युद्ध से पहले इसका थोक भाव 3500 रुपये प्रति किलो था, लेकिन अब आपूर्ति बंद होने से स्टॉकिस्ट इसे फुटकर में 4000 से 4500 रुपए प्रति किलो तक बेच रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि नया माल आने पर ही वास्तविक भाव स्पष्ट हो पाएंगे।
खाद्य कारोबारी संजय गोयल ने बताया कि स्वाद में कुरकुरे और प्राकृतिक तेल से भरपूर मामरा बादाम की आगरा में काफी मांग है। सामान्य दिनों में यहां प्रतिमाह 500 किलो की खपत होती है, जो सर्दियों के दौरान बढ़कर 2000 से 2500 किलो तक पहुंच जाती है। अपनी विशिष्ट बनावट और पोषक तत्वों के कारण यह बादाम अन्य श्रेणियों की तुलना में काफी महंगा और गुणकारी माना जाता है।
पिस्ता और केसर के दाम भी आसमान पर
सिर्फ बादाम ही नहीं, ईरानी पिस्ता और केसर की कीमतों में भी भारी उछाल आया है। ईरानी मोटे पिस्ते के भाव 2000 से बढ़कर 2600 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। वहीं, सर्वाधिक मांग वाले नमकीन ईरानी पिस्ता के दाम में 100 से 150 रुपये प्रति किलो की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका भाव अब 1100 के पार है। आगरा में इसका मासिक कारोबार करीब 2500 किलो का है।
ईरानी केसर की कीमतों ने 2 लाख रुपये किलो का आंकड़ा पार कर लिया है। यह 1.80 लाख रुपये प्रति किलो बिकने वाला केसर अब फुटकर बाजार में 2.05 लाख प्रति किलो तक पहुंच गया है।