जनसंघ के पूर्व अध्यक्ष पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 105वीं जयंती पर मथुरा के वृंदावन में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का रविवार को समापन हो गया। समापन सत्र में दीनदयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व पर चर्चा करते हुए केंद्रीय संस्कृति मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि भारतीय राष्ट्रवाद का आधार संस्कृति है। संस्कृति के प्रति समर्पण ही एकात्मवाद है। दीनदयाल उपाध्याय सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के समर्थक थे।
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उन्होंने बताया कि जनसंघ के आर्थिक चिंतन के रचनाकार पंडित जी थे। जिनका उद्देश्य चिंतन का आधार सामान्य मानव का सुख है। मेघवाल ने कहा कि समाज को सही दिशा देने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को अपनाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में प्रोफेसर भगवती प्रसाद शर्मा ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय के विचार ही जीवन दर्शन हैx। जो सही मायने में भारतीयता का बोध कराता है। कार्यक्रम में सांसद हेमामालिनी, जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डाक्टर गौरव ग्रोवर ने भी दीनदयाल उपाध्याय को भावांजलि अर्पित की।