हाल ही में प्रदेश सरकार से बर्खास्त किए गए मंत्री अरिदमन सिंह के भाजपा में आने की चर्चाओं पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कहा है कि अरिदमन ने बुरे वक्त में भाजपा का साथ छोड़ा था। ऐसे में पार्टी में उनकी वापसी का कोई सवाल ही नहीं उठता। उनके लिए पार्टी के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हैं।
शनिवार को कई कार्यक्रमों में शिरकत करने आए प्रदेश अध्यक्ष ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अरिदमन सिंह सत्ता का सुख भोगने के बाद फिर से भाजपा में आना चाहते हैं, ऐसा संभव नहीं है।
वहीं, उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन को पूर्ण बहुमत मिलने का दावा किया। एग्जिट पोलों के रुझानों को दरकिनार कर पार्टी कार्यकर्ता की मेहनत और जनता के विश्वास पर भरोसा जताया। असहिष्णुता को लेकर फिल्म अभिनेता शाहरुख खान के बयान का भाजपा सांसद हेमा मालिनी द्वारा समर्थन करने के सवाल पर वह कन्नी काट गए। पंचायत चुनावों में भाजपा भले ही सपा-बसपा से पीछे रही हो लेकिन प्रदेश अध्यक्ष ने परिणामों को लेकर संतोष व्यक्त किया है। कहा, भाजपा ने कभी जिला पंचायत का चुनाव नहीं लड़ा।
फुटकर में कभी कोई कार्यकर्ता जीतकर आ जाता था। मगर, अब प्रदेश में 539 जिला पंचायत सदस्य हैं। यह सकारात्मक परिणाम है।
मैंने भाजपा में आने को नहीं किया संपर्क: अरिदमन
आगरा। प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी पर पलटवार करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री अरिदमन सिंह ने कहा है कि मैं सपा के टिकट पर बाह विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता हूं। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहा।
सरकार में कौन मंत्री रहेगा, कौन नहीं, यह मुख्यमंत्री का अधिकार है। मैंने भाजपा में आने के लिए न तो पहले संपर्क किया था और न ही अब कर रहा हूं, तो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान का औचित्य क्या है।
चाय की चुस्कियों ने दी विवाद को हवा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जिला महामंत्री के घर पहुंचे
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी का किसी पदाधिकारी या कार्यकर्ता के घर पहुंचना आश्चर्यचकित करने वाला नहीं है। मगर, शनिवार सुबह जिला महामंत्री ऋषि उपाध्याय के यहां चाय पार्टी में उनकी मौजूदगी भाजपाइयों के बीच चर्चा का विषय रही। वहीं प्रदेश अध्यक्ष द्वारा पिछले दिनों जिला पंचायत चुनाव के दौरान अनुशासनहीनता के आरोप में निष्कासित किए गए प्रेमचंद कुशवाहा की वापसी का भी रास्ता खुल गया है।
बताया जा रहा है कि पार्टी के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने उनकी वापसी की घोषणा का आश्वासन दिया है।
बता दें कि सितंबर में सांसद बाबूलाल के समर्थकों ने ऋषि उपाध्याय के साथ मारपीट कर दी थी। पार्टी के दो जिम्मेदार नेताओं के बीच हुए विवाद से कई दिनों तक घमासान मचा रहा। राष्ट्रीय स्तर तक के नेताओं तक मामला पहुंच गया। प्रदेश नेतृत्व के आदेश पर जांच की गई लेकिन अभी तक इसका परिणाम नहीं आया है।
तभी से सांसद और जिला महामंत्री के बीच पाले खिंचे हैं। शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष ने ऋषि उपाध्याय के निवास पर पहुंचकर इस विवाद को फिर हवा दे दी। पार्टी कार्यकर्ता दिनभर इस चाय पार्टी के अलग-अलग मतलब निकालते रहे। ब्रजक्षेत्र अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल, जिलाध्यक्ष अशोक राना, महानगर अध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद दुबे गामा, विभाग संगठन मंत्री अतुल अवस्थी, रामकुमार शर्मा आदि ने प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत किया।