यह है आरोप
आरोप है कि मृदुला कठेरिया ने बैनामा में खुद को सांसद की पत्नी न बताकर रामेश्वर दयाल की पुत्री दर्शाया है। बैनामा निरस्त कराने के लिए पति सत्यप्रकाश ने सिविल वाद प्रस्तुत किया, जिसे विपक्षियों की ओर से बिना रुपये दिए सुलहनामा प्रस्तुत करने पर कोर्ट ने 18 अक्तूबर, 2019 को खारिज कर दिया, जिसकी अपील जिला जज की अदालत में लंबित है।
नौ जून को मृदुला और सांसद की शह पर विपक्षी विद्याराम, रामेश्वर, महेंद्र और सुखदेवी ने हथियारों के बल पर जबरन बाजरा बोये खेत में ट्रैक्टर चलवाना शुरू कर दिया। विरोध पर गालियां दीं। पीड़िता और उसके पति को पीटा। जान से मारने की धमकी दी। खेत जोतकर देव स्थान और धर्मस्थल भी तोड़ दिया।
पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस पर अपने अधिवक्ता रमाशंकर सिंह राजपूत और सतीश कुमार समी के माध्यम से प्रार्थनापत्र दिया। इनमें मृदुला कठेरिया, सांसद रामशंकर कठेरिया, विद्याराम, रामेश्वर, महेंद्र, सुखदेवी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई है।