संक्रमण-टीकाकरण के बाद 25 हजार तक मिली एंटीबॉडी
दूसरी लहर में कोरोना संक्रमित होकर ठीक होने के बाद टीके की दोनों डोज लगवाने वाले लोगों में भरपूर एंटीबॉडी मिलीं। इनमें 10 से 25 हजार आईयू/एमएल एंटीबॉडी पाई गईं। जो लोग संक्रमित नहीं हुए थे और टीकाकरण करा लिया, उनमें भी अच्छीखासी एंटीबॉडी बनी हैं।
इनमें 2000 से 10 हजार आईयू/एमएल एंटीबॉडी पाई गईं। पहली लहर में संक्रमित होने के 12 महीने बाद भी लोगों में एंटीबॉडी बनी हुई हैं। पहली लहर में संक्रमित हुए 70 लोगों में भी 100 से 250 तक एंटीबॉडी मिली हैं।
गंभीर लक्षण वालों में एंटीबॉडी दोगुना संभव: डॉ. गौतम
एसएन मेडिकल कॉलेज के कोविड मरीजों का उपचार करने वाले डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि दूसरी लहर में डेल्टा स्ट्रेन मिला था। यह खतरनाक अधिक था और फेफड़ों को नष्ट कर रहा था।
जिन मरीजों में वायरस के लक्षण अधिक रहे और गंभीर मरीजों में एंटीबॉडी दोगुना मिलने की पूरी संभावना है। यह भी देखने में मिला कि जिनमें सामान्य लक्षण थे, उनमें एंटीबॉडी भी कम बनी। कई में तो तय 132 आईयू/एमएल से भी कम पाई गईं।