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टीका बना सुरक्षा कवच: 300 दिन बाद भी कायम हैं एंटीबॉडीज, कोरोना संक्रमण से कर रहीं बचाव

Sat, 15 Jan 2022 03:57 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

तीसरी लहर में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इससे बचाव के लिए टीकाकरण बेहद जरूरी है। क्योंकि जो लोग टीकाकरण करा चुके हैं, उनमें 300 दिन बाद भी एंटीबॉडीज बनी हुई है। जो संक्रमण से बचाव कर रही है। 
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आगरा में टीकाकरण: वैक्सीन लगवाती युवती - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में कोरोना वायरस की तीसरी लहर में टीका सुरक्षा कवच बना हुआ है। टीकाकरण करवा चुके लोगों में 300 दिन के बाद भी एंटीबॉडी बनी हुई हैं। यह कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए पर्याप्त हैं। इन एंटीबॉडी के कारण ही तीसरी लहर में संक्रमित मरीज गंभीर हालत होने से बचे हुए हैं। 

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एसएन मेडिकल कॉलेज की ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि बीते साल जनवरी में टीकाकरण करा चुके 134 स्वास्थ्य कर्मचारियों के दो वर्गों में एंटीबॉडी की जांच कर अध्ययन किया गया। इन स्वास्थ्य कर्मचारियों को कोविशील्ड कंपनी का टीका लगाया गया था। 
ऐसे की गई एंटीबॉडीज की जांच
स्वास्थ्य कर्मचारियों की टीका लगवाने के पहले दिन, 28वें दिन, 56वें दिन, 180वें दिन और 300वें दिन एंटीबॉडी की जांच की गई। इसमें टीके के दोनों खुराक लेने के बाद 56वें दिन तक सबसे ज्यादा एंटीबॉडी पाई गईं। इसके बाद एंटीबॉडी में गिरावट होने लगीं। 300वें दिन एंटीबॉडी सबसे कम पाई गईं। 

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उन्होंने बताया कि जो लोग संक्रमित नहीं हुए थे, उनमें टीका लगवाने के बाद 300वें दिन 20 से 200 यू/एमएल स्पाइक एंटीबॉडी पाई गईं। 56वें दिन इनकी एंटीबॉडी दो हजार तक थीं। जो लोग संक्रमित हुए थे, उनमें टीका की दोनों डोज लेने के बाद अधिकतम 25 हजार यू/एमएल एंटीबॉडी तक बने, जो 300वें दिन जांच कराने पर 5000 यू/एमएल रह गए। 

एंटीबॉडी कम हैं तो टी-सेल करेगा बचाव 
एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि एंटीबॉडी कम होने पर भी घबराने की जरूरत नहीं है। समय के साथ यह कम होंगी। इंडियन मेडिकल काउंसिल ऑफ रिसर्च के अनुसार संक्रमण से बचाने के लिए बी और टी सेल जरूरी हैं। 

यह विशेष कोशिकाएं है जो हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता तय करती हैं। टीकाकरण के से शरीर में यह और विकसित हो जाती हैं। एंटीबॉडी कम होने पर भी ये संक्रमण से बचाव करती हैं। संक्रमित हुए भी तो हालत गंभीर होने का खतरा कम रहता है। ऐसे में सभी टीकाकरण जल्द करवा लें। 

एंटीबॉडी की यह रही स्थिति
वर्ग                          टीके के पहले दिन          28वें दिन             56 वें दिन             180वें दिन           300वें दिन
जो संक्रमित नहीं हुए       शून्य                      40 से 150                2000 तक           1200 तक           20 से 200 तक 
जो संक्रमित हुए           30-250                 10,000 तक              25,000 तक        15,000 तक      700 से 5000 तक 
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