15 दिन गांव में बिताए
प्रखर ने पुलिस को बताया कि अकेले हत्या करता तो गड़बड़ हो सकती थी। अपने मंसूबों में सफल नहीं होने का भी डर था, इसलिए ऐसे साथी की तलाश में लग गया, जो काम भी कर दे और कोई पकड़ा भी नहीं जाए। वह अपने गांव गया। 15 दिन रुका रहा। इस दौरान शीलू मिला। वह घर में खाली बैठा था, इसलिए उससे बात की। दस हजार रुपये का लालच दिया। कहा कि स्कूल में झगड़ा हो गया है। एक युवक को सबक सिखाना है। सिर्फ हाथ-पैर तोड़ने हैं। इस पर शीलू तैयार हो गया।
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होटल में ठहरे थे दोनों
तीन जून को शीलू ट्रेन से मथुरा, फिर बस से आगरा आया। दोनों आईएसबीटी के पास एक होटल में ठहरे। दो दिन रुकने के बाद सिकंदरा स्थित होटल में आ गए। हत्या पांच जून को करने वाले थे, लेकिन रास्ते में बाइक फिसल गई। प्रखर घायल हो गया। सात जून को फिर से हत्या के लिए निकले। कारोबारी की बेटी को पार्क में भेजा। खुद वनखंडी महादेव मंदिर के पास जंगल में पहुंच गए। बेटी के व्हाट्सएप नंबर से अंजलि को लोकेशन भेजी। खुद एक-दूसरे से इंस्टाग्राम काॅल पर बात करते रहे। शीलू के मोबाइल में ही व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम चला रहा था, उधर बेटी मां से काॅल पर बात कर रही थी।
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देवर और पति के साथ पहुंची थी अंजलि
अंजलि पति और देवर के साथ आई थी। इस पर प्रखर ने बेटी से कहकर मां के साथ आए पिता और चाचा को अलग करने को कहा। इस पर बेटी ने मां को काल कर कहा कि आप चाचा को नहीं लाओ, वरना वो चली जाएगी। इस पर मां ने चाचा को अलग कर दिया। इसके बाद पिता को काॅल करके अपने पास हाईवे पर बुला लिया। अंजलि के अकेले होने पर दोनों आरोपियों ने जंगल में ले जाकर हत्या कर दी। शव को नाले के पास फेंक दिया। 30 मिनट बाद उदित वापस आए, लेकिन अंजलि नहीं मिली। उदित को देखकर प्रखर ने उन्हें भी जान से मारने के बारे में सोचा। इस बारे में शीलू से कहा, लेकिन उसने इनकार कर दिया, कहा कि अब गांव में जाने पर खतरा है। इस पर दोनों वापस चले गए।
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