केस-1
बार-बार करते रहे फोन
मंगलवार को सड़क हादसे में घायल सहावर के गांव निशानखेड़ा निवासी आकाश को जिला अस्पताल से अलीगढ़ रेफर किया गया। आकाश के पिता राजकुमार ने सरकारी एंबूलेंस के लिए 108 नंबर पर कॉल की। वे बार-बार कॉल करते रहे, लेकिन उन्हें एंबूलेंस उपलब्ध नहीं हो पाई। मजबूरन वे निजी एंबूलेंस से घायल को अलीगढ़ ले गए।
केस-2
ई रिक्शा का लिया सहारा
क्षेत्र के गांव मामो निवासी कमला देवी को बुखार था और उनके पेट में दर्द था। कमला देवी ने बताया कि उन्होंने गांव के ही एक व्यक्ति से सरकारी एंबूलेंस के लिए फोन कराया, लेकिन एंबूलेंस नहीं आई। मजबूरन वे ईरिक्शा का सहारा लेकर अस्पताल पहुंची।
एंबूलेंस का चक्का जाम, अटकी रहीं मरीजों की सांसें
- हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं, निजी वाहनों से मरीजों को अस्पताल लेकर पहुंचे तीमारदार
संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज। एंबूलेंस की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं हैं। इससे लोगों की मुसीबतें बढ़ी हैं वहीं मरीजों की सांसे अटक रही हैं। निजी वाहन और एंबूलेंस के सहारे लोग मरीजों को अस्पताल तक ले जा रहे हैं। इमरजेंसी सेवाओं के लिए चार एंबूलेंस लगाई गई हैं, जो नाकाफी हैं।
जिलेभर में 43 एंबूलेंस हैं। इन्हें ब्लॉक, पीएचसी, सीएचसी क्षेत्र में अलग-अलग निर्धारित प्वांइट पर लगाया है। एक एंबूलेंस 24 घंटे में औसतन 4 मरीजों व घायलों को अस्पताल पहुंचाती है। प्रत्येक एंबूलेंस में दो चालक और दो ईएमटी नियुक्त हैं। यह 12-12 घंटे की ड्यूटी करते हैं। रविवार रात से इन चालकों ने चक्का जाम कर दिए हैं। एंबूलेंस चालक और ईएमटी हड़ताल करने के बाद जिला अस्पताल में धरने पर बैठ गए हैं।
यह हैं कर्मचारियों की मांगें
- ठेका प्रथा बंद होनी चाहिए।
- नौकरी सुरक्षित की जाए।
- समान कार्य समान वेतन।
आंकड़े की नजर से-
- 20 एंबूलेंस हैं 102 स्वास्थ्य सेवा की।
- 20 एंबूलेंस है 108 स्वास्थ्य सेवा की।
- 03 हैं एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम की।
इन्होंने किया प्रदर्शन
मंगलवार को जिलाध्यक्ष अखिलेश अग्निहोत्री, जिला महामंत्री रवेंद्र सिंह, नाहर सिंह, पवन कुमार, रणवीर सिंह, मुनेंद्र कुमार, देवेश कुमार, देवेंद्र पाल सहित अन्य हड़ताल पर रहे। हड़ताली कर्मचारियों ने धरना स्थल पर ही रसोई शुरू कर दी है।
- एंबूलेंस चालकों की हड़ताल से मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। चालक और ईएमटी हड़ताल खत्म नहीं कर रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी को बताया गया है कि कॉल आने पर तत्काल संबंधित प्वाइंट पर पहुंचे। मरीजों और घायलों को अस्पताल पहुंचाएं। अन्यथा सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।- अभिषेक पांडे, जिला प्रबंधक, एंबूलेंस सेवा।