बाह। यमुना के बीहड़ में बसे सुंसार गांव में रास्ते के अभाव में एंबुलेंस नहीं पहुंचती। प्रसव पीड़ा या अन्य किसी बीमारी की हालत में महिलाओं और मरीजों को ट्रैक्टर ट्रॉली या ऊंट से अस्पताल लाना पड़ता है। बुधवार को भी गांव की एक महिला को ट्रैक्टर ट्रॉली से अस्पताल लाया गया था।
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सुंसार के प्रदीप पत्नी रेनू को प्रसव पीड़ा पर ट्रैक्टर ट्राली से सीएचसी लाए। पूछने पर बताया कि गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंचती। सात किलोमीटर पगडंडी है। बीहड़ के रास्ते को पक्का कराने के लिए ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार और कई बार प्रदर्शन किया। इसके बाद भी हालात नहीं बदले।