फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra News: जान बचाने का जज्बा, नौकरी से पहले करने आए रक्तदान, अमर उजाला फाउंडेशन ने लगाया शिविर

Wed, 14 Jun 2023 07:48 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा में विश्व रक्तदाता दिवस पर लोगों में जान बचाने का जज्बा दिखा। तभी तो नौकरी से पहले रक्तदान करने पहुंचे। अमर उजाला फाउंडेशन ने शिविर का आयोजन किया था। 
विज्ञापन
अमर उजाला कार्यालय में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के आगरा में सीजेएम कोर्ट में टाइपिस्ट के पद पर तैनात हाथरस के मदनलाल उपाध्याय नौकरी से पहले रक्तदान करने पहुंचे। ग्वालियर में नौकरी करने वाले ट्रांसयमुना कॉलोनी के दीपक शर्मा अखबार पढ़कर छुट्टी के दौरान रक्तदान करने पहुंचे। मरीजों की जान बचाने के लिए ऐसे ही 64 महादानियों ने रक्तदान किया।

प्रशस्तिपत्र और मेडल देकर किया गया सम्मानित

विश्व रक्तदाता दिवस पर अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से लगे शिविर में अमर उजाला कार्यालय में 28, एसएन कॉलेज ब्लड बैंक में 19 और जिला अस्पताल ब्लड बैंक में 17 लोगों ने रक्तदान किया। इनको फाउंडेशन ने प्रशस्तिपत्र और ब्लड बैंक ने मेडल देकर सम्मानित किया। शिविर में एसएन की डॉ. नीतू चौहान, डॉ. यतेंद्र मोहन, डॉ. कमर, डॉ. रोमित चाहर, प्रमोद कुमार, दामोदर सिंह, रोहित पाल सिंह, अनवर खान, गरिमा, चार्ल्स, अरविंद कुमार जिला अस्पताल के डॉ. अतुल जैन, बीआर गौतम, निशा त्यागी का योगदान रहा।

विज्ञापन


यह भी पढ़ेंः- बेटे की चाहत में किराए पर ली युवती: बनाए शारीरिक संबंध, बेटी हुई तो जिंदा दफनाने लगा, विरोध पर छोड़कर फरार

विज्ञापन

परिवार सहित किया रक्तदान

बिचपुरी के अनिल कुमार सिंह अपनी पत्नी ममता सिंह के साथ आए, लेकिन हीमोग्लोबिन कम होने पर पत्नी रक्तदान नहीं कर सकीं। कावेरी कौस्तुभ के श्रेय अपनी मां के साथ कैंप में पहुंचे और दूसरी बार रक्तदान किया। दयालबाग की महक सक्सेना ने तो कैंप जल्द खत्म न हो जाए, इसके लिए पिता संजय सक्सेना को भेजकर कैंप आधा घंटे आगे बढ़वाया। महर्षिपुरम निवासी रीता यादव ने 7वीं बार रक्तदान करते हुए कहा कि रक्त देकर मन में कोई अच्छा कार्य करने की भावना जगती है।

पहली बार रक्तदान किया, दूर हुआ डर

पहली बार रक्तदान करने आए शाहगंज निवासी बीरू, विद्या नगर के बृजेश कुमार और गांधी नगर के जितेंद्र कुमार सुई को देखकर हिचक रहे थे। डॉक्टरों की काउंसिलिंग पर उनमें डर दूर हुआ। रक्तदान करने के बाद बोले, पहली बार रक्तदान करने के बाद मन में बैठा डर और भ्रांतियां दूर हो गईं हैं, अब आगे भी रक्तदान करेंगे।

यह भी पढ़ेंः- बच्ची के साथ किशोर ने किया गलत काम: टीवी देखने उसके घर गई थी, बिजली चली गई तो एकांत में ले गया; चीख पड़ी मासूम
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें