परिवार सहित किया रक्तदान
बिचपुरी के अनिल कुमार सिंह अपनी पत्नी ममता सिंह के साथ आए, लेकिन हीमोग्लोबिन कम होने पर पत्नी रक्तदान नहीं कर सकीं। कावेरी कौस्तुभ के श्रेय अपनी मां के साथ कैंप में पहुंचे और दूसरी बार रक्तदान किया। दयालबाग की महक सक्सेना ने तो कैंप जल्द खत्म न हो जाए, इसके लिए पिता संजय सक्सेना को भेजकर कैंप आधा घंटे आगे बढ़वाया। महर्षिपुरम निवासी रीता यादव ने 7वीं बार रक्तदान करते हुए कहा कि रक्त देकर मन में कोई अच्छा कार्य करने की भावना जगती है।
पहली बार रक्तदान किया, दूर हुआ डर
पहली बार रक्तदान करने आए शाहगंज निवासी बीरू, विद्या नगर के बृजेश कुमार और गांधी नगर के जितेंद्र कुमार सुई को देखकर हिचक रहे थे। डॉक्टरों की काउंसिलिंग पर उनमें डर दूर हुआ। रक्तदान करने के बाद बोले, पहली बार रक्तदान करने के बाद मन में बैठा डर और भ्रांतियां दूर हो गईं हैं, अब आगे भी रक्तदान करेंगे।
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