नेत्र रोग विभाग के डॉ. तिरुपति नाथ ने बताया कि कई ऐसे भी मरीज हैं, जिनमें दूषित हाथ, रुमाल से आंखों को छूने से सूजन, दर्द और करकराहट की समस्या रही। कई तो आंखों को बार-बार रगड़ते हैं, इससे कार्निया भी क्षतिग्रस्त मिल रही है। इससे दिखने की दिक्कत भी हो रही है। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है। आंखों में वायरल इन्फेक्शन से संपर्क में आने पर घर के दूसरे सदस्य भी दो से तीन दिन में प्रभावित हो रहे हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- दूषित हाथों और रुमाल को आंखों को न छुएं। बार-बार आंख न पोछें।
- आंखों में जलन और दर्द होने पर डॉक्टरी परामर्श से ड्रॉप उपयोग करें।
- आंखों में करकराहट होने पर पानी के छींटे न मारें, स्वच्छ पानी से धोएं।
- आंखों में वायरल इन्फेक्शन पर अपने सामान को परिजन से साझा न करें।
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