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UP: जिस बजट से गांव में बननी थी सड़क, उससे प्राइवेट कॉलोनी में बनवा दी CC रोड; इस फर्जीवाड़े की शुरू हुई जांच

Mon, 04 May 2026 11:56 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के नानपुर गांव में सरकारी सीसी रोड को निर्धारित स्थान के बजाय निजी कॉलोनी में बनाने के आरोप सामने आए हैं, जिससे जांच शुरू हो गई है। जिस गली के लिए सड़क स्वीकृत थी वहां अब भी जलभराव की समस्या बनी हुई है, जबकि भुगतान पर रोक लगा दी गई है।
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गांव नानपुर में सीसी रोड निर्माण को लेकर उठे विवाद के बाद मामला जांच के दायरे में - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के बिचपुरी क्षेत्र के गांव नानपुर में सीसी रोड निर्माण को लेकर उठे विवाद के बाद मामला जांच के दायरे में आ गया है। सरकारी धन से प्रस्तावित सड़क का निर्माण गांव के बजाय निजी कॉलोनी में करा दिया गया। शिकायत के आधार पर जिला विकास अधिकारी ने मामले की जांच शुरू करा दी है।
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किसान-मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने बताया है कि दिसंबर 2024 में स्वीकृत सीसी रोड को ग्राम पंचायत क्षेत्र में निर्धारित स्थान पर न बनाकर नानपुर-लड़ामदा मार्ग स्थित एक निजी कॉलोनी में बना दिया गया। करीब 100 मीटर लंबी इस सड़क के आसपास न तो आबादी है और न ही कोई मकान निर्मित है। उन्होंने बताया कि मौके पर लगाए गए शिलापट्ट में सड़क को एक मकान से दूसरे मकान तक दर्शाया गया, जबकि स्थल पर ऐसा कोई निर्माण मौजूद नहीं है।

शिलापट्ट पर लागत और माप का भी उल्लेख नहीं किया गया। आरोप है कि निर्माण के बाद सड़क पर मिट्टी डाल दी गई और बाद में शिलापट्ट को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। चौधरी दिलीप सिंह ने इस संबंध में 13 अक्तूबर 2025 को प्रमुख सचिव पंचायतीराज को शिकायत भेजी गई थी। शिकायत का संज्ञान में लेते हुए जिला विकास अधिकारी ने जांच के लिए उप कृषि निदेशक और लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) के अधिशासी अभियंता की संयुक्त टीम गठित की है।
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उधर, जिस गली के लिए सड़क स्वीकृत हुई थी, वहां अब तक निर्माण नहीं हुआ है। इससे ग्रामीणों को जलभराव और आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उप कृषि निदेशक मुकेश कुमार ने बताया कि शिकायतकर्ता से संबंधित अभिलेख मांगे गए हैं। अभिलेख प्राप्त होने के बाद जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं. जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी उमेश चंद्र ने बताया है कि मामला संज्ञान में आने के बाद संबंधित सड़क का भुगतान रोक दिया गया है। उक्त निर्माण को श्रमदान के तहत कराया जाना दर्शाया गया है।
 
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