सोमवार से धर्मस्थल खोले जाने की पूर्व घोषणा के कारण रविवार को शहर के मंदिरों में पूरे दिन साफ सफाई और सैनिटाइजेशन करवाया गया। श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दर्शन के लिए व्यवस्थाएं की गईं, लेकिन शाम को जिला प्रशासन के आदेश के बाद श्रद्धालुओं में मायूसी छा गई।
कोरोना संक्रमण के चलते बंद चल रहे मंदिरों को 21 सितंबर से खोले जाने की घोषणा की गई थी। सुबह से ही रावली महादेव, कैलाश मंदिर, मन: कामेश्वरनाथ महादेव मंदिर, श्रीराम मंदिर, साईं मंदिर समेत अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश और दर्शन के लिए मंदिर कमेटियों से जुड़े लोग व्यवस्थाएं करते रहे।
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शाम को जिलाधिकारी ने तेजी से बढ़ रहे संक्रमण के कारण धर्मस्थलों के खोलने पर रोक बरकरार रखने के आदेश किए। सिद्धि विनायक मंदिर के महंत पंडित ज्ञानेश शास्त्री ने बताया कि मंदिरों में सामूहिक पूजा प्रार्थना पर अभी रोक नहीं हटाई गई है। यह निर्णय सबके जीवन को बचाने के उद्देश्य से किया गया है। हम सभी इसका पालन करेंगे।
मन: कामेश्वर मंदिर के महंत योगेश पुरी का कहना है कि जो शासन की गाइड लाइन है उसका पालन किया जाएगा। गुरुद्वारा गुरु का ताल के मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन ने अगर धर्मस्थलों को बंद रखने को जनहित में माना है तो गाइड लाइन का पालन किया जाएगा।
बटेश्वर के मंदिरों में भोलेनाथ के दर्शन को भक्तों को अभी और इंतजार करना पडे़गा। सोमवार से खुल रहे ताजमहल के साथ बटेश्वर मंदिर खुलने को लेकर भक्त उत्साहित थे। पर, बाह के एसडीएम अब्दुल बासित ने बताया कि मंदिर खोले जाने की अभी कोई गाइड लाइन जारी नहीं हुई है। मंदिर बंद रहेंगे। लॉकडाउन में बटेश्वर की शिव मंदिर शृंखला के शिवालय बंद हुए थे।
ये गतिविधियां सोमवार से होंगी शुरू
- ताजमहल सहित पुरातत्व स्मारक व उनसे जुड़े कारोबार।
- उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र परामर्श के लिए जा सकेंगे।
- सभी तरह के कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्र में आवाजाही।
- शादी समारोह व अंत्येष्टि में 100 लोग शामिल हो सकेंगे।
- राज्य सरकार की अनलॉक-4 गाइडलाइन यथावत रहेगी।