नाले में पड़ा बायोमेडिकल वेस्ट
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वार्ड के डस्टबिन में डाला बायोमेडिकल वेस्ट
वार्डों में रखे डस्टबिन में बायोमेडिकल वेस्ट डाल दिया गया। संक्रमित सुई होने से एचआईवी, हेपेटाइटिस के अलावा पीपीई किट पर वायरस होने से कोरोना के संक्रमण की आशंका है। प्राचार्य डॉ. संजय काला का कहना है कि हर विभाग और वार्ड में वेस्ट इकट्ठा करने के लिए डिब्बे रखवाए हैं, सामान्य कचरे में कौन बायोमेडिकल वेस्ट फेंक रहा है, इसका पता करता हूं।
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बायोमेडिकल वेस्ट इकट्ठा करने के नियमों का पालन नहीं: जितेंद्र शर्मा
बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण करने वाली कंपनी के मैनेजर जितेंद्र शर्मा ने बताया कि सरकारी और निजी अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट इकट्ठा करते वक्त नियमों का ध्यान नहीं रखा जाता। कांच, प्लास्टिक को बेच देते हैं। कांच, मास्क, पट्टी समेत अन्य बायोमेडिकल वेस्ट अलग-अलग डिब्बों में जमा किया जाता है, लेकिन अधिकांश जगह एक ही डिब्बों में इकट्ठा कर देते हैं। सभी अस्पतालों की बात करें तो रोजाना 1200 किलो बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण कर रहे हैं।
पीपीई किट, मास्क और कोरोना संक्रमण से बचाने वाले सामान के निस्तारण के लिए गाइड लाइन जारी की जा चुकी हैं। सभी नर्सिंग होम और अस्पतालों को इसका पालन करना होगा। हमने छह अस्पतालों को शिकायत मिलने के बाद नोटिस जारी किए हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
- डॉ. विश्वनाथ शर्मा, पर्यावरण अधिकारी, यूपीपीसीबी