आगरा में सीवर व पानी की लाइनों के लिए हुई खोदाई के बाद निर्माण न होने और टूटी सड़कों से धूल के गुबार उठ रहे हैं। ये गुबार शहर की हवा की गुणवत्ता को खराब कर रहे हैं। शहर की हवा में प्रदूषण की मात्रा 6 गुना तक ज्यादा हो गई।
शुक्रवार रात एक बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक प्रदूषक तत्वों की मात्रा ज्यादा रही है। हालांकि 24 घंटों का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 100 के करीब है, लेकिन बेहद घातक सूक्ष्म कण पार्टिकुलेट मैटर-2.5 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की मात्रा सामान्य से 6 गुना तक ज्यादा है, जो अस्थमा और सांस रोगियों के लिए खतरे की घंटी है।
फतेहाबाद रोड पर पानी की पाइपलाइन, यमुना किनारा रोड पर पानी की पाइप लाइन की खोदाई, बोदला-लोहामंडी-अवधपुरी, मारुति एस्टेट, पश्चिमपुरी में सीवर, गैस लाइन की खोदाई के बाद सड़कों का निर्माण न होने से धूल के गुबार उठ रहे हैं।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा आईएसबीटी के सामने बनाए जा रहे फ्लाईओवर के निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है, वहीं सिकंदरा फल सब्जी मंडी अंडरपास के निर्माण में धूल नियंत्रण के उपाय नहीं किए जा रहे। इसका असर शहर की हवा की गुणवत्ता पर पड़ा है जो लगातार अब खराब हो रही है।
एनएचएआई ने जमा कराए 6.84 करोड़ रुपये
प्रदूषण के मामले में एनजीटी मॉनीटरिंग कमेटी की सिफारिश के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी पर 6.84 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था, जिसे अथॉरिटी ने बोर्ड के एकाउंट में जमा करा दिया।
दो साल पहले यह जुर्माना लगा था, लेकिन हाईवे अथारिटी के अफसर लगातार इसे जमा कराने से बचने की कार्रवाई करते रहे, लेकिन सख्ती के बाद जुर्माना जमा किया गया। अब बोर्ड ने जुर्माना जमा कराने के लिए आगरा विकास प्राधिकरण, स्मार्ट सिटी और जलनिगम पर दबाव बनाया है।
सरकारी विभागों पर सख्ती की मांग
टीटीजेड अथॉरिटी के सदस्य उमेश शर्मा ने बताया कि शहर की सड़कें टूटी पड़ी है और निर्माण कार्यों में जलनिगम, हाईवे अथारिटी जैसे विभाग लापरवाही बरत रहे हैं, जिस वजह से धूल कणों की मात्रा बढ़ी है। हमने टीटीजेड चेयरमैन से सरकारी विभागों पर सख्ती बरतने और पानी के छिड़काव की मांग की है।