फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra University: परीक्षा परिणाम जल्दी देने के लिए की गई थी नई व्यवस्था, वो भी हो गई फेल

Mon, 08 Jan 2024 12:03 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

परीक्षा परिणाम जल्दी देने के लिए नई व्यवस्था बनाई गई थी कि पहले आंतरिक मूल्यांकन के अंक अपलोड करने होंगे, इसके बाद ही परीक्षा फाॅर्म भरे जा सकेंगे। लेकिन अब ये व्यवस्था भी फेल हो गई है।
 
विज्ञापन
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की जल्दी परीक्षा परिणाम देने की एक और व्यवस्था फेल हो गई। अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्नातक और परास्नातक के विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं के फाॅर्म बिना आंतरिक मूल्यांकन के अंक के भरे जाने लगे हैं। इस बार नई व्यवस्था बनाई गई थी कि पहले आंतरिक मूल्यांकन के अंक अपलोड करने होंगे, इसके बाद ही परीक्षा फाॅर्म भरे जा सकेंगे। अधिकतर कॉलेजों ने अभी तक आंतरिक मूल्यांकन नहीं कराया।
विज्ञापन


गत कई परीक्षाओं से देखा जा रहा है कि विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाओं के परिणाम आंतरिक मूल्यांकन के अंक उपलब्ध न होने की वजह से लटके रहते हैं। कॉलेज देर से आंतरिक मूल्यांकन के अंक भेजते हैं। जबकि आंतरिक मूल्यांकन मध्य सेमेस्टर में ही कराना होता है। सेमेस्टर खत्म होने के बाद भी अंक नहीं भेजे जाते।



 
Trending Videos

इसको देखते हुए इस बार सेमेस्टर परीक्षा के फाॅर्म भरवाने के दौरान ही आंतरिक मूल्यांकन के अंक लिए जाने की व्यवस्था बनाई गई थी। जिससे परीक्षा परिणाम जारी करने में देरी न हो। ऐसा हो नहीं पाया। पुरानी व्यवस्था ही लागू करनी पड़ी। परिणाम जल्दी देने के लिए ही परीक्षाएं ओएमआर शीट पर कराई जा रही है, फिर भी विभिन्न कारणों से देरी हो रही है।

विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश का कहना है कि आंतरिक मूल्यांकन तमाम कॉलेजों ने कराया नहीं था, इससे परीक्षा फाॅर्म भरने की रफ्तार बहुत धीमी थी। दूसरे, तकनीकी समस्या भी आ रही थी। स्नातक के पांचवें सेमेस्टर में विद्यार्थी को एक मेजर विषय छोड़ना है। विश्वविद्यालय को यह पता नहीं है कि विद्यार्थी कौन सा विषय छोड़ेगा। फाॅर्म भरते समय ही विषय चुने जाते हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय को पांचवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों के फाॅर्म खोलने में समस्या आ रही थी। इसलिए बिना आंतरिक मूल्यांकन के अंक के ही परीक्षा फाॅर्म भरवाए जा रहे हैं।

 
विज्ञापन

देर से शुरू हुई पढ़ाई
प्रवेश प्रक्रिया देर तक चलने की वजह से पर्याप्त कक्षाएं नहीं लग पाईं। ऐसे में कॉलेज आंतरिक मूल्यांकन नहीं करा पाए। खासतौर पर परास्नातक की कक्षाएं बहुत देर से हुईं। कॉलेज अब शीतकालीन अवकाश खत्म होने के बाद आंतरिक मूल्यांकन कराने की योजना बना रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसी माह विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू कराने की योजना बना रखी है।

जिनके फाॅर्म भरे गए, उनके अंक सुरक्षित
परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि जिन विद्यार्थियों के परीक्षा फाॅर्म आंतरिक मूल्यांकन के अंकों के साथ भरे गए हैं, उनके अंकों को सुरक्षित करा लिया गया है। दोबारा उनके अंक मंगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें