पंप कर्मियों पर मदद न करने का आरोप
बाद में परिजन पेट्रोल पंप पर पहुंच गए। उन्होंने लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोश व्यक्त किया। दिलीप ने आरोप लगाया कि उन्होंने बेटे को अस्पताल ले जाने के लिए पंप कर्मियों से कहा, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। इस पर हाथ जोड़े। काफी देर तक प्रार्थना करते रहे, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। इस पर एक राहगीर से सहायता मांगी। तब बेटे को देहली गेट स्थित एक अस्पताल में ले जा सके।
अस्पताल में बेटे को वेंटिलेटर पर रखा गया, उसने दम तोड़ दिया। उन्होंने पंप कर्मियों के खिलाफ थाने में तहरीर दे दी है। यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद पहुंची पुलिस यही कह रही थी कि हादसा हुआ है। वह पंप वालों का पक्ष ले रही थी। पंप पर तो सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं थे।
दूसरी ओर, पंप के कर्मचारी अशोक ने बताया कि पिता-पुत्र तेज हवा चलने पर पंप पर रुक गए थे। तभी अचानक हादसा हो गया। बच्चे को अस्पताल ले जाने पर पिता की पूरी मदद की थी। लापरवाही और मदद नहीं करने का आरोप गलत है। पंप मैनेजर भी अस्पताल गए थे। पुलिस भी आ गई थी।