आगरा के रिसर्च स्टूडेंट ने पैर का नो बॉल बताने वाली मशीन बनाई है। गेंदबाज का अगला कदम बॉलिंग क्रीज के बाहर निकलते ही मशीन बता देगी। अलार्म बजने के साथ डिस्प्ले पर भी नो बॉल प्रदर्शित हो जाएगा।
शाहगंज के शिवाजी नगर निवासी उमेश अमित परमार, डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित आईबीएस में फिजिक्स के शोधार्थी हैं। पहले भी उन्होंने कई शोध किए हैं। ‘फ्रंट फुट नो बॉल डिटेक्शन सिस्टम’ उनमें से सबसे खास है।
इसके लिए उमेश अमित परमार ने पेटेंट भी फाइल कर दिया है। यह जल्द प्रकाशित हो जाएगा। वह अपना सिस्टम भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को दिखाना चाहते हैं, जिससे फ्रंट फुट नो बॉल का समाधान क्रिकेट जगत को मिल सके।