आगरा एसटीएफ ने सिकंदरा में छापा मारकर एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत का औजी गांजा और एमडीएमए ड्रग्स बरामद किए हैं। गिरफ्तार तस्करों ने खुलासा किया कि कैलिफोर्निया से कोरियर के जरिए दिल्ली तक गांजा पहुंचाया जाता था, जिसे यूपी में सप्लाई किया जाता था।
कैलिफोर्निया (अमेरिका) से ओजी गांजे की तस्करी भारत में हो रही है। यह कोरियर के माध्यम से दिल्ली तक पहुंच रहा है। एसटीएफ की आगरा यूनिट ने यह खुलासा किया। बुधवार रात को सिकंदरा की शिवपुरी कॉलोनी में एक करोड़ से अधिक कीमत के ओजी गांजे और एमडीएमए ड्रग्स की खेप के साथ मथुरा के रहने वाले 4 तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें मां नन्हीं देवी और दो बेटे जितेंद्र और प्रेम कुमार शामिल हैं। गिरोह का सरगना दिल्ली का कुशाग्र थाईलैंड में छिपा हुआ है। गिरफ्तार आरोपी पुड़िया और पैकेट में मथुरा सहित अलग-अलग जिलों में गांजे की बिक्री होटल-रेस्तरां में करते थे।
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एसटीएफ के एसपी राकेश कुमार ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह की धरपकड़ में एसटीएफ की टीम लगी थी। इसी बीच सिकंदरा स्थित शिवपुरी कालोनी में गांजे की खेप आने की सूचना मिली। बुधवार रात को टीम ने एक मकान पर छापा मारा। इस दाैरान एक महिला सहित चार को पकड़ा गया। आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू प्रजापति ने एसटीएफ की पूछताछ में बताया कि नन्हीं देवी उसकी मां हैं। वह वृंदावन में तकरीबन 4 साल से गांजा बेचने का काम कर रही थीं।
वह पानीपत और दिल्ली से गांजा लेकर आती थीं। अब वो लेकर आता है। वो पुड़िया बनाकर बिक्री करते हैं। जितेंद्र की बहन सुमन की शादी दहतोरा, सिकंदरा के रहने वाले साैरभ से हुई है। उसका जीजा सौरभ भी यह काम करने लगा। वह सौरभ के साथ ही दिल्ली, पानीपत से गांजा लेकर आने लगे। कुछ दिन पहले साैरभ की मृत्यु हो गई। उसने इस काम में अपने भाई प्रेम कुमार प्रजापति को भी लगा लिया। बबलू उनका पड़ोसी है।
पैकिंग कर बिक्री, 7.5 हजार कीमत
एसटीएफ के मुताबिक, गांजा बेचने के लिए चार दिन पहले शिवपुरी कालोनी में नवीन गौतम का मकान किराये पर लिया था। जितेंद्र और बबलू शर्मा दिल्ली से कुशाग्र नाम के तस्कर से गांजा व एमडीएमए ड्रग्स लेकर आए थे। इसे बेचने के लिए पुड़िया बना रहे थे। बरामद पदार्थ ओजी गांजा है, जो कैलीफार्निया से आता है। पैकिंग में इसका वजन 3.5 ग्राम होता है, जिसे साढ़े सात हजार रुपये में ग्राहकों को बेच देते हैं।
कोरियर से दिल्ली तक पहुंचता है गांजा
एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी कुशाग्र है। वह मूल रूप से दिल्ली का रहने वाला है। वर्तमान में थाईलैंड में रह रहा है। उसके गिरोह के सदस्य दिल्ली व आसपास हैं, जोकि यूपी, राजस्थान, एमपी सहित अन्य राज्यों से गांजा बेचने वालों से आर्डर लेते हैं। इसके बाद सदस्य कुशाग्र से व्हाटस एप कॉलिंग करते हैं। वह कैलिफोर्निया में गांजा बेचने वालों से संपर्क करता है। कोरियर के माध्यम से आर्डर छोटे पैकेट में दिल्ली तक पहुंच जाता है। इसके बाद उसे छोटी पुड़िया बनाकर बेचा जाता है। जो लोग खरीदार होते हैं, उन्हें एक स्थान बता दिया जाता है। यहीं पर गांजे को रखवा देते हैं। वो लोग माल लेकर पैसे वहीं रखकर चले जाते हैं। उनसे कोई मिलने नहीं आता है। सिर्फ व्हाट्स एप कॉल पर बात होती है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
एसटीएफ ने मथुरा गेट पुलिस चौकी के सामने, वृंदावन, मथुरा निवासी जितेंद्र प्रजापति उर्फ जीतू, प्रेमकुमार प्रजापति, बबलू शर्मा और नन्हीं देवी को गिरफ्तार किया है। उनसे ओजी गांजा और 147 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स, पांच मोबाइल, 1500 रुपये बरामद किए गए।
सामान्य गांजे से अलग है ओजी गांजा
विदेशी और हाइब्रिड मारिजुआना की अत्यधिक महंगी प्रजाति है, जिसे आधुनिक तकनीकों (जैसे हाइड्रोपोनिक्स) के माध्यम से नियंत्रित वातावरण में उगाया जाता है। सामान्य गांजे की तुलना में इसमें टेट्राहाइड्रोकैनाबिनोल की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिसके कारण यह अत्यधिक नशीला होता है। सामान्यत: भारत में नहीं पाया जाता है।