आगरा शहर की सफाई का बंटाधार हो गया है और शिकायतों के अंबार लगे हैं। मेयर हेमलता दिवाकर ने इन्हीं मामलों पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. अतुल भारती के खिलाफ मोर्चा खोला है। शहर की स्वच्छता रैंकिंग भी इन्हीं के कार्यकाल में गिरी है। शहर 16 वें स्थान से लुढ़ककर 23वें स्थान पर आया है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन और ट्रांसफर स्टेशन की व्यवस्था ठप होने से शिकायतों में बढ़ोतरी हुई है।
इन बातों को लेकर हुई है शिकायतें
- भूमिगत डस्टबिन हो गये खराब, मरम्मत नहीं कराई
- डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन केवल आधे शहर में
- संकरी गलियों में घरों से कूड़ा लेने नहीं जा रहे कर्मचारी
- ट्रांसफर स्टेशनों से कूड़ा कॉम्पेक्ट करके नहीं जा रहा
- डलाबघरों को 2 साल पहले हटाना था, अब तक नहीं हटे
- आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति में भ्रष्टाचार
- सफाई कर्मचारियों के तबादले में भ्रष्टाचार की शिकायतें
- बायोमेट्रिक हाजिरी में 4500 की जगह निकले 2500 कर्मी
- मशीनों से सफाई नहीं, नाला सफाई में किया घोटाला