पीड़िता ने दर्ज कराए मुकदमे में लिखा है कि जीएम ने कहा था कि कंपनी मालिक नीरज खन्ना उसके दोस्त हैं। मैं उनकी पूरी व्यवस्था करता हूं। इसलिए उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। बात नहीं मानेगी तो उसके साथ बहुत बुरा कर देगा। पीड़िता ने लिखा है कि संग्राम किशोर के कृत्य की जानकारी उसने एचआर डिपार्टमेंट में मौखिक रूप से दी। मगर, कोई कार्रवाई नहीं हुई। कंपनी मैनेजमेंट का व्यवहार भी प्रतिकूल रहा। एक फरवरी को कंपनी मैनेजमेंट ने बंधक बना लिया। जबरन पहले से टाइप त्याग पत्र पर हस्ताक्षर करा लिए। इसके लिए न कोई नोटिस दिया और न ही कारण बताया। संग्राम किशोर के गलत इरादों में सहमति नहीं जताने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की गई। कंपनी में महिला कर्मचारियों की शिकायत सुनने के लिए कोई सेल नहीं था। इससे उसे और कठिनाई का सामना करना पड़ा, वो तनाव में है।
आरोपी जीएम को किया है बर्खास्त : निदेशक
रोमसंस कंपनी के निदेशक विकास खन्ना ने बताया कि युवती की शिकायत पर आरोपी जीएम को तत्काल बर्खास्त कर दिया गया। वह भाग गया था। इस पर उसे बहाने से बुलाकर पुलिस के सुपुर्द किया गया। पुलिस अपनी विवेचना कर रही है, कंपनी की ओर से भी आंतरिक जांच कराई जा रही है, जो भी साक्ष्य होंगे पुलिस को उपलब्ध कराए जाएंगे। युवती की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की गई है। उसने स्वेच्छा से त्यागपत्र दिया था। उसे पूरी सैलरी भी दी गई है। बंधक बनाकर जबरन त्याग पत्र लिखाने का आरोप गलत है।