उधर,श्रीकृष्ण जन्मस्थान के निकट स्थित गली-मोहल्लों में इस तरह के कारोबार को लेकर गो रक्षकों में आक्रोश है। उनका कहना है कि तीर्थ स्थल जोन घोषित होने के बाद भी इन इलाकों में मांस का कारोबार किया जा रहा है।
तीर्थस्थल घोषित होने के बाद भी कैसे हो रहा अवैध धंधा
तीर्थ स्थल घोषित होने के बाद भी मथुरा के विभिन्न गली-मोहल्लों में मांस का कारोबार निश्चित तौर पर धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। पुलिस और प्रशासन के ऐसे मामलों में ढिलाई देना कभी भी शहर की शांत फिजा को बिगाड़ सकता है। बताया गया कि पूर्व में भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों सौंख रोड स्थित सुखदेव नगर, भूतेश्वर, डीगगेट, सदर और महावन इलाकों में गो रक्षकों ने प्रतिबंधित मांस पकड़वाया है।
इस दौरान गो रक्षकों और मांस कारोबारियों के आपस में भिड़ने से कभी भी मामला बिगड़ सकता है। सीओ सिटी अभिषेक तिवारी ने बताया कि जल्दी ही कठोर कार्रवाई की जाएगी। मौके से डेला, कामिल, चांद धौलपुरिया, चुनन और सगीर सभी निवासी मटियागेट थाना गोविंदनगर फरार हो गए हैं।