टूंडला स्टेशन को उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल में शामिल करने की कवायद शुरू
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1866 में ईस्ट इंडियन रेलवे में बड़े जंक्शन के रूप में स्थापित टूंडला जंक्शन जल्द ही आगरा रेल मंडल का हिस्सा हो जाएगा। रेलवे ने टूंडला जंक्शन को उत्तर मध्य रेलवे के आगरा रेल मंडल में शामिल कराने की कवायद शुरू कर दी है। महज 20 किमी दूर टूंडला फिलहाल उत्तर रेलवे का हिस्सा है, लेकिन आगरा में शामिल होने के बाद न केवल ट्रैक, स्पीड, टाइमिंग, बल्कि यात्री सुविधाओं को लेकर भी बदलाव शुरू हो जाएंगे।
14 साल बाद आगरा रेल मंडल का क्षेत्रफल बढ़ने वाला है। दिल्ली रूट पर पलवल और ग्वालियर रूट पर भांडई तक और अलवर, बांदीकुई, बयाना तक आगरा रेल मंडल का हिस्सा है। रेल संचालन और प्रशासनिक स्तर से टूंडला के शामिल होने से आगरा रेल मंडल का महत्व बढ़ जाएगा।
14 साल बाद बढ़ेगा रेल मंडल का दायरा
उत्तर मध्य रेलवे में एक अप्रैल 2003 को इलाहाबाद और झांसी के बाद आगरा रेल मंडल अस्तित्व में आया। करीब 24 रेलवे स्टेशन और 563.12 किमी रेल लाइन क्षेत्रफल में फैले आगरा रेल मंडल से करीब 70 जोड़ी मेल, एक्सप्रेस ट्रेन गुजरती हैं। 14 साल बाद यह पहला मौका है, जब टूंडला स्टेशन को शामिल कराया जाएगा। इससे आगरा रेल मंडल का न केवल दायरा बढ़ जाएगा, बल्कि महत्व भी बढ़ जाएगा। यूं भी आगरा रेल मंडल को देश की सबसे तेज रफ्तार ट्रेन गतिमान और शताब्दी चलाने का श्रेय प्राप्त है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान के छह जिलों में फैले आगरा रेल मंडल से चार जोन जुड़ते हैं।