तीन मुकदमे दर्ज हुए
इस हत्याकांड में एक मुकदमा मृतक के मामा सूरज सिंह ने दर्ज कराया। इसमें कहा कि भांजे शिवम पुत्र जितेंद्र निवासी ज्योति कुंज, थाना एत्माद्दौला को शुक्रवार शाम को छह बजे आलोक यादव, सनी देओल उर्फ चंद्रसेन, सिंबा नट, निमेश, सोनू जाट और टीटू ने फोन करके कालिंदी विहार में 80 फुटा मार्ग पर बुलाया। शिवम दोस्त दिनेश उर्फ प्रिंस के साथ मामा की ईको गाड़ी से पहुंचा। उसके पहुंचने पर सनी ने शिवम की गोली मारकर हत्या कर दी।
घायलावस्था में शिवम ने बताया था कि उसका एक हाथ सिंबा और दूसरा हाथ सोनू जाट ने पकड़ा। आलोक यादव के कहने पर सनी ने गोली मार दी। उस पर पुलिस से मुखबिरी का शक करते हुए रंजिश मान रहे थे। शिवम की मौत हो गई। पुलिस ने हत्या और षडयंत्र की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया।
आगरा शिवम यादव हत्याकांड: मुखबिरी के शक में ली थी जान, एक आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार