आगरा में लूट और टप्पेबाजी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ऑटो चालकों की मदद लेगी। दो दिन में पुलिस ने 200 ऑटो चालकों को पुलिस मित्र बनाया है। यह राह चलते ही नहीं, बल्कि अपने घर के आसपास भी आपराधिक तत्वों के बारे में पुलिस से जानकारी साझा कर सकेंगे। इसके बाद पुलिस अपराधियों की धरपकड़ करेगी। ऑटो चालकों की समस्याओं को भी दूर किया जाएगा।
सीओ सदर महेश कुमार ने बताया कि शहर में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और ऑटो स्टैंड पर अपराधी किस्म के लोग सक्रिय रहते हैं। यह बाहर से आने वाले लोगों को अपना शिकार बना लेते हैं। इन इलाकों में ऑटो चलाने वाले चालक भी होते हैं। कई बार अपराधियों के बारे में जानकारी दे सकते हैं। मगर, पुलिस से डर की वजह से सामने नहीं आते हैं।
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अब पुलिस की मदद करने के लिए आटो चालकों को पुलिस का मित्र बनाया गया है। आगरा कैंट स्टेशन और बिजली चौराहे के 200 ऑटो चालकों को पहली बार में मित्र बनाया गया। आटो चालकों से कहा गया है कि वह अपराधियों के बारे में पुलिस को सूचनाएं दें। उनका नाम गोपनीय रखा जाएगा। जांच के बाद पुलिस कार्रवाई करेगी। ऑटो चालकों के आईडी कार्ड भी जारी किए जाएंगे।