आगरा के बिचपुरी स्थित आरबीएस इंजीनियरिंग कॉलेज की एमटेक प्रथम वर्ष की छात्रा तोशी सेठ की मौत के मामले में पुलिस पर गंभीर आरोप लगा है। इस मामले की जांच में सबसे अहम माने जा रहे तोशी के लैपटॉप और मोबाइल गायब कर दिए गए हैं।
उसके परिवार का आरोप है कि पुलिस ने इन्हें कब्जे में लिया था। अब विवेचना अधिकारी ने कहा है कि इनका पता नहीं चल रहा है, पूरा थाना देख लिया गया है, कहीं नहीं मिले हैं। तोशी के परिवार का कहना है कि पुलिस ने खेल किया है।
भुसौली टोला, खुल्दाबाद, इलाहाबाद निवासी तोषी (22) पुत्री गोपीनाथ बिचपुरी स्थित आरबीएस इंजीनियरिंग कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। छह सितंबर 2015 को उसका शव हॉस्टल के कमरे में फांसी पर लटका मिला था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से मौत की पुष्टि हुई थी। इस पर हत्या की धारा में केस दर्ज किया गया था। जांच में दो युवकों के नाम संदिग्ध के रूप में सामने आए। इनमें से एक की सात सितंबर 2015 को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।
बाद में पुलिस ने तोशी की मौत को आत्महत्या का केस मानते हुए एफआर लगा दी थी। उसके पिता ने इसे कोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट के आदेश पर अब पुन: विवेचना शुरू हो गई है। आगरा आए तोशी के पिता गोपीनाथ और दादा बैजनाथ का कहना है कि तोशी के दो मोबाइल और लैपटॉप को पुलिस ने कब्जे में ले लिया था।
जांच कराई जाएगी
अब विवेचना अधिकारी कह रहे हैं कि न लैपटाप मिला है और न ही मोबाइल। उनका आरोप है कि पुलिस ने खेल किया है। जिन साक्ष्यों से हत्या साबित हो सकती थी, उन्हें गायब कर दिया गया है। उधर, विवेचना अधिकारी का कहना है कि थाना पर लैपटॉप और मोबाइल नहीं मिले हैं।
एसपी सिटी कुंवर अनुपम सिंह का कहना है कि मौका ए वारदात की फर्द को देखा जाएगा। उससे पता चल जाएगा कि क्या क्या चीज पुलिस ने कब्जे में ली। अगर इसमें लैपटाप और मोबाइल भी दर्ज हैं, और अब नहीं मिल रहे हैं तो, इसका पता चल जाएगा।