व्हीलचेयर पर घायल दरोगा (फाइल)
- फोटो : Amar Ujala
आगरा में एत्माद्दौला के राकेश नगर में धर्मवीर हत्याकांड में नामजद आरोपी खचेरा को पुलिस ने मंगलवार को जेल भेज दिया। उसके दो साथी रंजीत और महेंद्र फरार हैं। रंजीत पूर्व में दबिश के दौरान दरोगा को छत से फेंकने के मामले में वांछित है। फरवरी, 2020 में वारदात के बाद से वह पुलिस की पकड़ में नहीं आया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश देने का दावा कर रही है।
राकेश नगर में धर्मवीर की दो जनवरी की रात को चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। धर्मवीर के भाई भूपेंद्र ने मोहल्ले के ही महेंद्र, खचेरा और रंजीत के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। सोमवार रात को पुलिस ने आरोपी खचेरा को गिरफ्तार कर लिया। रंजीत मौके से फरार हो गया। खचेरा का भांजा है रंजीत। एसपी सिटी विकास कुमार का कहना है कि आरोपी खचेरा के खिलाफ 12 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें जानलेवा हमला सहित गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे हैं। उसे जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दबिश दे रही है।
दबिश देने गए थे दरोगा
पुलिस को पता चला कि आरोपी खचेरा और उसका भांजा रंजीत क्षेत्र में दबंगई करते थे। 17 फरवरी, 2020 को वांछितों की गिरफ्तारी को एत्माद्दौला थाने में तैनात दारोगा नफीस ने श्याम नगर और राकेश नगर में दबिश दी। तब घर की छत पर खड़े दरोगा नफीस को नीचे फेंक दिया गया। इसमें वह चोटिल हुए थे। दरोगा पर जानलेवा हमले के मुकदमे में रंजीत भी नामजद था। तब से पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई जबकि वह क्षेत्र में दबंगई कर रहा था। अब उसने युवक की हत्या कर दी।
सवाल: कहां दी जा रही थी दबिश?
दरोगा को छत से फेंकने के मामले में हत्यारोपी रंजीत वांछित था। पुलिस मुकदमों में वांछितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देती है। आरोपी रंजीत की अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हो पाई? सवाल उठ रहा है कि आखिर दबिश कहां दी जा रही थी? एसपी सिटी का कहना है कि मामले को दिखवाया जाएगा।
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