आगरा: जमानत के बाद फरार आरोपी किया गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में पिनाहट के गांव अमर सिंह पुरा में जानलेवा हमले के मामले सजा पा चुके रामलखन को पकड़ने में पुलिस को 32 साल लग गए। वह गांव से ठिकाना बदलकर दिल्ली में दाढ़ी बढ़ाकर साधू के वेश में रह रहा था। वह सारा दिन मंदिरों में घूमता रहता था। पुलिस ने खोजबीन तेज की तो हाथ आ गया। उसने 18 साल की उम्र में अपराध किया था। 65 साल की उम्र में जेल भेजा गया।
थाना पिनाहट के प्रभारी प्रदीप कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि पिनाहट के गांव अमर सिंह का पुरा में वर्ष 1974 में रामलखन ने पड़ोसी युवक कुंवरपाल पर चाकूसे हमला बोला था। उसके शरीर पर 12 जगह प्रहार किए थे। उसको मरणासन्न समझकर चला गया था। पीड़ित के परिजनों ने मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी रामलखन को जेल भेजा था। उस समय आरोपी की उम्र तकरीबन 18 साल थी। वह जमानत पर बाहर आ गया तब से फरार था।
कोर्ट में विचारण के दौरान उसे दस साल की सजा सुनाई गई। मगर, उसने हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट ने वर्ष 1989 में उसकी सजा कम करके चार साल नौ महीने करने के आदेश किए। बुधवार को वह गांव में किसी काम से आया था। इसकी जानकारी पुलिस को मिल गई। इस पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
आगरा: धीमे-धीमे बढ़ रहा कोरोना, एक नया मरीज मिलने से सक्रिय मरीजों की संख्या में हुआ इजाफा