इस पर उसने कुछ ही दिन में 11 लाख रुपये का घाटा करा दिया। हाई रिक्स वाले शेयर महंगे दामों पर खरीद लिए। इसके बाद सस्ते दाम में बेच दिए। खरीदने वाली महिला थी। वह उसकी पत्नी निकली। रेंज साइबर सेल की जांच में पता चला कि आरोपी अखिलेश श्रीवास्तव है। वह अहमदाबाद में रह रहा है। शाहगंज पुलिस उसे गिरफ्तार करके ले आई।
मोबाइल एप की मदद से खोज लाई पुलिस
पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की थी। मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया। मगर, उन्हें यह नहीं पता था कि आरोपी कहां रहता है? आधार कार्ड पर लिखा पता गलत था। उसके बैंक खाते और ड्राइविंग लाइसेंस तक दूसरों के पते पर बने हुए थे। मोबाइल का सिम भी फर्जी आईडी पर जारी कराई गई थी। आरोपी को पकड़ने के लिए रेंज साइबर सेल ने तकनीक का सहारा लिया।
आरोपी अखिलेश श्रीवास्तव ने बिग बास्केट नाम से एक एप अपने मोबाइल पर डाउनलोड किया था। कंपनी घरों में ऑनलाइन बुकिंग पर सब्जी भेजने का काम करती है। पुलिस ने सोचा कि आरोपी ने यह एप भी सब्जी घर मंगवाने के लिए डाउनलोड किया होगा। इस पर पुलिस ने जानकारी की। इसमें सामने आया कि आरोपी ने अहमदाबाद के गांधी आश्रम स्थित फोर स्कॉन ग्रीन बंगला में सब्जी मंगाई थी।
सब्जी की टोकरी लेकर पहुंची पुलिस
सब्जी की टोकरी लेकर कंपनी के कर्मचारी की जगह पुलिस पहुंच गई। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे आगरा लेकर आए। इसके बाद जेल भेज दिया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह सिरोही ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज कराया था। 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। इस पर टीम को भेजा गया। रविवार को उसे गिरफ्तार कर लेकर आए। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।