आगरा शराब कांड: पुलिस ने पकड़े आरोपी
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निलंबित निरीक्षक से लेकर बीट सिपाही से होंगे सवाल
एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि डौकी और शमसाबाद क्षेत्र फतेहाबाद के सीओ बृजमोहन गिरी के कार्यक्षेत्र में आता है। उनके इलाके में सबसे ज्यादा मौतें हुईं। ठेके से लेकर घरों पर शराब बेची जा रही थी। जांच में उनकी लापरवाही उजागर हुई है। इस पर उन्हें हटाया गया है। उन्हें कार्यालय से संबद्ध किया गया है। विभागीय जांच भी होगी, ताजगंज का नगला देवरी में चार की मौत हुई थी। हालांकि यह इलाका भी डौकी की सीमा से लगा हुआ है, थाना ताजगंज है। जहरीली शराब की सप्लाई एक ही क्षेत्र में ज्यादा हुई थी। सीओ सदर राजीव कुमार पर अभी कार्रवाई नहीं की गई है। उधर, निलंबित पुलिसकर्मियों की विभागीय जांच भी शुरू हो चुकी है। उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। घरों से शराब कैसे बिक रही थी, ठेकों से शराब गांव तक बेचने के लिए कैसे सप्लाई की जा रही थी, बीट सिपाही क्या कर रहे थे, यह सब सवाल किए गए जाएंगे। शराब बिक्री में मिलीभगत सामने आती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नहीं था पुलिस का भी डर
पुलिस ने रामजीलाल, इंद्रा देवी, किशनी को भी गिरफ्तार किया है। यह ठेकों से मिलने वाली शराब को लाकर घरों से बेच रहे थे। ग्रामीणों का आरोप था कि आरोपी ऐलान से शराब की बिक्री कर रहे थे। उन्हें किसी का डर नहीं था। बाजार से सस्ती दर पर शराब का क्वार्टर बेचा जाता था। शिकायत करने पर पुलिस पकड़ती थी, लेकिन आरोपी कुछ देर बाद ही छूट जाते थे। बिना महीनेदारी के ऐसा नहीं हो सकता है। इस आरोप की जांच पुलिस अधिकारी कर रहे हैं।
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