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आगरा जहरीली शराब कांड: लापरवाही पर क्षेत्राधिकारी फतेहाबाद को हटाया, विभागीय जांच शुरू

Sat, 28 Aug 2021 11:13 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

जहरीली शराब से मौत के मामले में थाना शमसाबाद, डौकी और ताजगंज में मुकदमे दर्ज हुए थे। यह कार्रवाई एडीजी की जांच के बाद हुई। उन्होंने चार मृतकों के विसरा की जांच कराई थी। इसमें मिथाइल अल्कोहॉल की पुष्टि हुई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना ताजगंज, डौकी और शमसाबाद के प्रभारी निरीक्षकों को हटाया गया।
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एसएसपी मुनिराज जी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के शमसाबाद, डौकी और ताजगंज क्षेत्र में शराब पीने के बाद 14 मौतें हुईं। एडीजी राजीव कृष्ण ने जांच के बाद तीन निरीक्षकों सहित नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया। इसी मामले में शुक्रवार को एसएसपी मुनिराज जी ने क्षेत्राधिकारी फतेहाबाद बृजमोहन गिरी को हटा दिया है। उन्हें कार्यालय से संबद्ध किया गया है। उनके सर्किल के शमसाबाद और फतेहाबाद में नौ लोगों की मौत हुई थी।

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जहरीली शराब से मौत के मामले में थाना शमसाबाद, डौकी और ताजगंज में मुकदमे दर्ज हुए थे। यह कार्रवाई एडीजी की जांच के बाद हुई। उन्होंने चार मृतकों के विसरा की जांच कराई थी। इसमें मिथाइल अल्कोहॉल की पुष्टि हुई थी। इसके बाद मुकदमे दर्ज किए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना ताजगंज, डौकी और शमसाबाद के प्रभारी निरीक्षकों को हटाया गया। इसके अलावा बीट सिपाही तक पर कार्रवाई की गई। नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया।

ग्रामीणों ने अधिकारियों से की थी शिकायत
जहरीली शराब से मौत के मामले में एडीजी राजीव कृष्ण गांव कौलारा कला और नगला देवरी पहुंचे थे। उन्होंने लोगों से बात की थी। ग्रामीणों ने कहा था कि घरों से शराब बेची जा रही है। ठेके रातभर चलते हैं। रात में शटर जरूर गिरा दिया जाता है। मगर, शराब कभी भी मिल जाती है। यह सब पुलिस की मिलीभगत से होने के आरोप लगाए थे।
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आगरा शराब कांड: पुलिस ने पकड़े आरोपी - फोटो : अमर उजाला
निलंबित निरीक्षक से लेकर बीट सिपाही से होंगे सवाल
एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि डौकी और शमसाबाद क्षेत्र फतेहाबाद के सीओ बृजमोहन गिरी के कार्यक्षेत्र में आता है। उनके इलाके में सबसे ज्यादा मौतें हुईं। ठेके से लेकर घरों पर शराब बेची जा रही थी। जांच में उनकी लापरवाही उजागर हुई है। इस पर उन्हें हटाया गया है। उन्हें कार्यालय से संबद्ध किया गया है। विभागीय जांच भी होगी, ताजगंज का नगला देवरी में चार की मौत हुई थी। हालांकि यह इलाका भी डौकी की सीमा से लगा हुआ है, थाना ताजगंज है। जहरीली शराब की सप्लाई एक ही क्षेत्र में ज्यादा हुई थी। सीओ सदर राजीव कुमार पर अभी कार्रवाई नहीं की गई है। उधर, निलंबित पुलिसकर्मियों की विभागीय जांच भी शुरू हो चुकी है। उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। घरों से शराब कैसे बिक रही थी, ठेकों से शराब गांव तक बेचने के लिए कैसे सप्लाई की जा रही थी, बीट सिपाही क्या कर रहे थे, यह सब सवाल किए गए जाएंगे। शराब बिक्री में मिलीभगत सामने आती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

नहीं था पुलिस का भी डर
पुलिस ने रामजीलाल, इंद्रा देवी, किशनी को भी गिरफ्तार किया है। यह ठेकों से मिलने वाली शराब को लाकर घरों से बेच रहे थे। ग्रामीणों का आरोप था कि आरोपी ऐलान से शराब की बिक्री कर रहे थे। उन्हें किसी का डर नहीं था। बाजार से सस्ती दर पर शराब का क्वार्टर बेचा जाता था। शिकायत करने पर पुलिस पकड़ती थी, लेकिन आरोपी कुछ देर बाद ही छूट जाते थे। बिना महीनेदारी के ऐसा नहीं हो सकता है। इस आरोप की जांच पुलिस अधिकारी कर रहे हैं।
आगरा जहरीली शराब कांड: सरकारी ठेकों से बेची गई शराब, पुलिस ने ठेका मालिक समेत सात को किया गिरफ्तार
 
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