आगरा: पुलिस ने लगाई शराब के ठेके पर सील
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जहरीली शराब से मौत के मामले में सात आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा। कौलारा कला का ठेका संचालक हेमंत अभी हाथ नहीं आ सका है। उसे ही मुख्य आरोपी पुलिस मान रही है। वह फरार हो गया है। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। वहीं देवरी में शराब बेचने के मामले में फरार दारा और शमसाबाद के ठेका संचालक अजय जादौन की भी तलाश की जा रही है।
एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि हेमंत और उसकी पत्नी के नाम पर कौलारा कला में एक-एक ठेका है। मगर, उसने अपने परिचित, रिश्तेदार और सेल्समैन के नाम पर छह से अधिक ठेके ले रखे हैं। इन ठेकों में पैसा भी वही लगाता है। बिक्री भी वही कराता है। उसके ठेकों से ही शराब गांव का रामजीलाल तक पहुंचती थी। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसपी सिटी, एसपी पूर्वी और पश्चिमी के नेतृत्व में टीम लगाई गई है। 25 हजार रुपये का इनाम भी आरोपी पर घोषित किया गया है। वहीं इरादतनगर का दारा सिंह भी अपने रिश्तेदार बच्चू सिंह से शराब लाकर बेचता था। उसकी भी तलाश में टीम लगी है। शमसाबाद में जहरीली शराब की बिक्री में अजय जादौन का नाम सामने आया है। वह भी फरार हो गया है।
सवाल : कहां से आई जहरीली शराब
पुलिस ने जहरीली शराब से मौत के मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। मगर, एक सवाल अब भी बना हुआ है। आखिर जहरीली शराब कहां से आई? इसे कौन लेकर आया? ठेका संचालक ने कितनी कीमत में खरीदी? और गांव तक कितनी कीमत पर बेचते हैं? शराब के कारोबार के पीछे असली सरगना कौन है? आगरा ही नहीं आसपास के इलाकों में भी अवैध शराब का धंधा होता है। फतेहाबाद सर्किल के गांवों में शराब की बिक्री कहीं बाहर से लाकर तो नहीं की गई। पुलिस का कहना है कि हेमंत, दारा और अजय के पकड़े जाने के बाद स्थिति साफ हो जाएगी।
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