कोरोना काल में ताजनगरी के लोगों ने अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया। इस बार नगर निगम का हाउस टैक्स जमा करने वालों की संख्या 73 हजार से ज्यादा रही। बीते साल महज 52 हजार घर और संपत्तियों से नगर निगम को टैक्स मिल पाया था, लेकिन इस बार 21 हजार संपत्तियों से टैक्स और मिल गया, जिससे नगर निगम को 49 करोड़ रुपये अब तक मिल चुके हैं, जबकि साढ़े तीन करोड़ रुपये के चेक क्लियर होने बाकी हैं। बीते साल महज 40 करोड़ रुपये ही टैक्स जमा हो पाया था।
नगर निगम के अपर नगर आयुक्त विनोद कुमार गुप्ता के मुताबिक इस बार ऑनलाइन टैक्स जमा करने वालों की संख्या और रकम दोनों ही तीन गुना बढ़े हैं। शहर के 13,449 लोगों ने ऑन लाइन ही टैक्स जमा किया। इस बार कुल 73,837 संपत्तियों से टैक्स मिला है, जबकि बीते साल इनकी संख्या महज 52,722 ही थी। इस तरह 21 हजार ज्यादा संपत्तियों से हमें टैक्स प्राप्त हुआ है।
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बीते साल 40.54 करोड़ रुपये ही मिल पाए थे, जबकि इस बार 49 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं और चेक क्लियर होने बाकी हैं। पीओएस मशीन, पेटीएम और ऑनलाइन सुविधा के कारण ज्यादा लोगों ने रुचि दिखाई है। पूरा टैक्स ब्योरा ऑनलाइन हो जाने से लोगों को भी आसानी हुई।
इसे और बढ़ाने की जरूरत
हमने लोगों को ऑनलाइन और डिजिटल तरीके से पेटीएम आदि के जरिए टैक्स जमा करने की सुविधा दी। वहीं, टैक्स जमा करने पर छूट और डस्टबिन देने से भी लोग प्रोत्साहित हुए हैं, हालांकि अभी उम्मीद से काफी कम टैक्स आया है। इसे और बढ़ाने की जरूरत है। - नवीन जैन, मेयर
15 तक टैक्स जमा करना मुश्किल
नगर निगम का हाउस टैक्स जमा करने वाला सॉफ्टवेयर अपडेट होने के कारण 15 तारीख तक टैक्स जमा करने में दिक्कतें आ सकती हैं। सोमवार को नगर निगम परिसर में टैक्स जमा करने पहुंचे लोगों को कर्मचारियों ने लौटा दिया। लोगों को बताया गया कि सॉफ्टवेयर अपडेट होने के कारण उनका डेटा निकालना मुश्किल है। 15 अप्रैल के बाद आएं।
छत्ता जोन सबसे आगे
जोन टैक्स
छत्ता 17.21 करोड़ रुपये
हरीपर्वत 14.16 करोड़ रुपये
लोहामंडी 10.71 करोड़ रुपये
ताजगंज 6.76 करोड़ रुपये
तीन गुना हुआ ऑनलाइन टैक्स
वर्ष 2020 2021
मैनुअल 24,793 4620
ऑनलाइन 4444 13,449
काउंटर 23,073 33,811
पीओएस 412 18,650