आगरा के कालिंदी विहार में प्लाईबोर्ड एंड ग्लास की दुकान में लूट करने आए बदमाश एक घंटे पहले ही आ गए थे। डिवाइडर पर बैठकर रास्ता सुनसान होने का इंतजार कर रहे थे। पुलिस को सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से इस बारे में सुराग मिले हैं। पुलिस ने पांच संदिग्धों को उठाकर पूछताछ की थी। मगर, उनसे कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।
शुक्रवार रात को तीन बदमाश एत्मादपुर निवासी भूरा तोमर की कालिंदी विहार स्थित प्लाईबोर्ड एंड ग्लास की दुकान में आए थे। लूट का विरोध करने पर फर्रुखाबाद निवासी कर्मचारी सुशील चौहान की हत्या के बाद भाग गए थे। तीन दिन बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस ने बदमाशों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए थे। एक अस्पताल के बाहर लगे कैमरे के फुटेज से पता चला कि बदमाश डिवाइडर पर बैठे हुए थे। यह दुकान के पास के ही हैं। घटना से एक घंटे पहले वो नजर आ रहे हैं। रेकी करते रहते हैं। पुलिस का कहना है कि बदमाश इंतजार में थे कि सड़क पर लोगों का आवागमन कम हो जाए। उन्होंने मौका देखते ही वारदात की। लूट के दौरान कर्मचारी ने विरोध किया। इस पर उसे गोली मार दी।
एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीम लगी है। जेल से हाल में छूटकर आए बदमाशों की सूची तैयार की जा रही है। पूर्व में क्षेत्र में वारदात में शामिल बदमाशों को भी खोजा जा रहा है। पांच हिरासत में लिए थे। उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है।
महिला नहीं निकली मौसी
पुलिस की जांच में पता चला है कि सुशील चौहान जिस महिला के साथ रहता था, वह उसकी मौसी नहीं है। इस पर पुलिस ने महिला से भी पूछताछ की। उसके संबंध और परिचितों के बारे में जानकारी जुटाई गई।
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