आगरा मेट्रो नोएडा और दिल्ली मेट्रो के मुकाबले न केवल रफ्तार में तेज होगी बल्कि आरामदायक भी ज्यादा होगी। इससे ज्यादा आधुनिक बनाया जाएगा। यह कहना है उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक केशव कुमार का। उन्होंने बताया कि सबसे पहले ताज पूर्वी गेट से जामा मस्जिद तक का प्राथमिक सेक्शन तैयार होगा। यह पहले कॉरीडोर का हिस्सा है। प्रथम कॉरीडोर ताज पूर्वी गेट से सिकंदर तक होगा।
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शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के बाद उन्होंने मीडियाकर्मियों से रूबरू कहा कि आगरा मेट्रो में एलईडी डिसप्ले होगा जो दिल्ली और नोएडा से बेहतर होगा। इसमें सिग्नल सिस्टम भी एडवांस लगाया जाएगा। इसकी रफ्तार 80 किमी प्रति घंटा तक ( टॉप स्पीड में ) होगी।
आगरा मेट्रो के स्टेशन 77 मीटर लंबे होंगे। एक ट्रेन में तीन कोच होंगे। इसे लखनऊ मेट्रो के मॉडल पर तैयार किया जाएगा। मेट्रो कोच की डिजाइन भी एकदम अलग होगी।
ये होंगे कॉरीडोर
ए : सिकंदरा से ताज पूर्वी गेट तक
लंबाई : 14 कि.मी., स्टेशन 13
ये स्टेशन होंगे : सिकंदरा, आईएसबीटी, गुरू का ताल, आरबीएस कॉलेज, राजामंडी, सेंट जोंस, मेडिकल कॉलेज, जामा मस्जिद, आगरा फोर्ट, ताजमहल, फतेहाबाद रोड, बसई और ताजपूर्वी गेट
दो: आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक
लंबाई : 16 कि.मी, स्टेशन : 15
ये स्टेशन होंगे : आगरा कैंट, सुल्तानपुरा, सदर बाजार, कलक्ट्रेट, सुभाष पार्क, सेंट जोंस, हरीपर्वत, संजय प्लेस, एमजी रोड, सुल्तानगंज पुलिया, कमला नगर,रामबाग, फाउड्री नगर,मंडी समिति व कालिंदी विहार।
आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट
8380 करोड़ रुपये प्रोजेक्ट की लागत है।
7.31 लाख प्रतिदिन यात्री सफर कर सकेंगे
80 कि.मी प्रति घंटा होगी रफ्तार (सर्वाधिक )
87 होगी कोचों की संख्या सभी ट्रेन के मिलाकर
ऐसी होगी आगरा मेट्रो
1. 29 स्टेशन होंगे, प्रत्येक पर एलईडी लाइट्स एवं डिस्प्ले स्क्रीन लगी होंगी।
2. दस स्टेशनों पर वाहन पार्किंग की सुविधा होगी, सिकंदरा और मंडी समिति में बड़ी पार्किंग होंगी।
3. प्रत्येक स्टेशन पर यात्रियों के लिए एस्केलेटर व लिफ्ट की सुविधा होगी।
4. रोलिंग स्टोक (कोच) नए डिजाइन व हल्के भार वाले होंगे।
5. नोएडा, दिल्ली के मुकाबले सीट ज्यादा आरामदायक होंगी।
6. मेट्रो का एडवांस सिग्नल सिस्टम ऑस्ट्रेलियन तकनीक से बनेगा।