ताजनगरी के लिए यह सोमवार बड़ा दिन है। हमारी मेट्रो का काम शुरू होने जा रहा है। शहर के विकास को पंख लगने की उम्मीद जगी है। खासकर पर्यटन उद्योग कुलांचे भरेगा। उद्यमियों और कारोबारियों में भारी उत्साह है। मेट्रो चलने पर सैलानी कम समय में ज्यादा स्मारक घूम सकेंगे। सहूलियत मिलेगी तो सैलानियों की संख्या भी बढ़ेगी। जाहिर है, रोजगार भी बढ़ेगा और कारोबार भी।
'कम समय में ज्यादा स्मारक देख पाएंगे'
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान ने कहा कि ताजमहल से लेकर सिकंदरा तक सभी मुख्य स्मारक मेट्रो से जुड़ने के कारण पर्यटकों को बड़ा फायदा होगा। ट्रैफिक में खर्च होने वाला समय कम होगा तो ज्यादा स्मारक घूम सकेंगे, जो अभी मुमकिन नहीं है।
'शहर में प्रदूषण भी कम होगा'
टूरिज्म गिल्ड के उपाध्यक्ष राजीव सक्सेना ने कहा कि पर्यटन के लिए मेट्रो बेहद उपयोगी सहायक साबित होगी। सिकंदरा पर वाहन पार्किंग कर पर्यटक सीधे ताज पर कम समय में आ सकेंगे। शहर में प्रदूषण कम होगा। इस मामले में ताजनगरी की छवि सुधरेगी। पर्यटकों में सकारात्मक संदेश जाएगा।
'ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति'
जूता निर्यातक प्रदीप वासन ने कहा कि एमजी रोड समेत शहर के मुख्य मार्गों पर जाम रहता है। मेट्रो शहर के बुनियादी इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ कारोबार को रफ्तार देगी। बोदला, बिचपुरी रोड, शास्त्रीपुरम, शाहगंज का क्षेत्र भी इसमें जोड़ लिया जाता तो बेहतर रहता।
'पार्किंग की समस्या दूर होगी'
आगरा व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष रमन लाल गोयल ने कहा कि पुराने शहर को मेट्रो से जोड़ने का फायदा कारोबारियों को मिलेगा। जो लोग पुराने शहर में पार्किंग और अन्य वजहों से नहीं आ रहे थे, उनका जुड़ाव पुराने शहर से होगा, वहीं जाम और पार्किंग की समस्या दूर हो जाएगी।
'नए क्षेत्रों में होगा विकास'
एसोचैम के संयोजक मनीष अग्रवाल ने कहा कि मेट्रो ताजनगरी के लिए जीवनदायिनी साबित होगी। शहर के कुछ क्षेत्र मेट्रो से अछूते हैं, जिन्हें और जोड़ दिया जाता तो कंपलीट पैक हो जाता, तब ट्रैफिक की समस्या ज्यादा नहीं आती। हालांकि प्रदूषण और जाम से मुक्ति मिलेगी।
'घंटों का सफर मिनटों में होगा'
क्रेडाई के सदस्य उमेश शर्मा ने कहा कि प्रदूषण के साथ जाम से मुक्ति दिलाने में मेट्रो सहायक होगी। शहर की सड़कों पर अभी चलना मुश्किल है। सिकंदरा से ताज तक एक से दो घंटे का समय लगता है, पर मेट्रो से कुछ मिनट में आसानी से आवागमन होगा तो कारोबार भी बढ़ेगा।
'शहर के विकास के लिए बड़ा कदम'
जूता निर्यातक जितेंद्र त्रिलोकानी ने कहा कि ईपीआईपी, यूपीएसआईडीसी जैसे औद्योगिक क्षेत्र इससे अछूते हैं। लाखों जूता कारीगर यहां से जुड़े हैं। अगर यह क्षेत्र भी जुड़ जाएं तो शहर की यातायात व्यवस्था और बेहतर होगी। हालांकि मेट्रो शहर के विकास के लिए बड़ा कदम साबित होगी।