यूरोपियन निवेश बैंक (ईआईबी) से आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए 3860 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत हो गया है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने 23 अप्रैल 2021 को प्रस्ताव भेजा था। जिसे 18 दिसंबर को ईआईबी की बोर्ड बैठक में स्वीकृति मिल गई है।
ईआईबी ने आगरा से पहले कानपुर मेट्रो के लिए जुलाई 2020 में 5661 करोड़ रुपये का ऋण दिया था। जिसके बाद वहां नौ स्टेशन के बीच मेट्रो सेवा शुरू हो सकी है। आगरा में सात भूमिगत स्टेशन के लिए 2200 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी टेंडर प्रक्रिया चल रही है। सात फर्मों के बीच प्रतिस्पर्धा है। एक फर्म को टेंडर मिलेगा। इस टेंडर के लिए ईआईबी के ऋण से फंडिंग होगी।
आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय ने बताया कि 12 जनवरी तक वित्तीय निविदाएं खुल सकती हैं। जिसके बाद भूमिगत स्टेशन के लिए सुरंग खोदाई शुरू होगी। सात स्टेशन में सबसे पहले ताजमहल, आगरा किला व जामा मस्जिद के स्टेशन बनेंगे। फिर आरबीएस कॉलेज तक दोहरी सुरंग खोदी जाएगी।
27 स्टेशन में से छह बनेंगे
ताजनगरी में 29 किमी लंबे दो मेट्रो कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। जिनमें 27 स्टेशन हैं। पहले चरण में छह स्टेशन बनेंगे। जिनके बीच मेट्रो ट्रायल की योजना है। यह काम अप्रैल 2024 तक पूरा हो सकता है। फिलहाल फतेहाबाद रोड पर तीन एलिवेटेड स्टेशन का 50 फीसदी सिविल निर्माण हो चुका है। ट्रैक के लिए यू गर्डर रखे जा रहे हैं।
यहां खर्च होगा ऋण
सात भूमिगत स्टेशन का निर्माण होगा।
मेट्रो ट्रेन के तीन सेट की खरीद होगी।
भूमिगत सिग्नलिंग व विद्युतीकरण पर।
मेट्रो टनल व ट्रैक के निर्माण कार्य पर।
ये भी पढ़ें...
स्पा सेंटर में देह व्यापार: केबिन में ग्राहकों से होती थी लड़कियों की सौदेबाजी, पांच महीने से पुलिस को नहीं लगी भनक
आगरा मेट्रो: अप्रैल 2024 तक मेट्रो रेल को मिल सकती है हरी झंडी, चौथी बार बदली समय सीमा