सीवर, पानी, बिजली लाइन से अड़चन
मेट्रो कार्य में सबसे ज्यादा अड़चन बिजली, पानी और सीवर की भूमिगत लाइनों से हो रही है। भूमिगत यूटिलिटी के कारण स्तूप की खोदाई प्रभावित हो रही है। छोटी-बड़ी 500 से अधिक लाइनें हैं। शनिवार को एक तरफ स्तूप खोदाई होती रही दूसरी तरफ बसई चौकी के सामने बिजली खंभे व भूमिगत लाइनों की शिफ्टिंग का कार्य चला।
एक घंटे में बनेगा 30 घन मीटर कॉन्क्रीट का मिश्रण
मेट्रो डिपो निर्माण के लिए अत्याधुनिक कॉन्क्रीट प्लांट शनिवार से पीएसी मैदान में शुरू हो गया। इससे एक घंटे में 30 घन मीटर कॉन्क्रीट मिश्रण तैयार होगा। इसके लिए प्लांट के कैप्सूल जैसे आकार के ड्रमों में सीमेंट, गिट्टी, पानी व अन्य सामान डाला जाता है। यूपीएमआरसी अधिकारी ने बताया कॉन्क्रीट प्लांट शुरू होने से निर्माण में तेजी आएगी।
छह किलोमीटर का प्राथमिकता कॉरिडोर
आगरा मेट्रो रेल परियोजना में दिसंबर 2022 तक छह किलोमीटर ट्रैक पर मेट्रो दौड़ेगी। इसके लिए ताज पूर्वी गेट से जामा मस्जिद तक यूपीएमआरसी ने छह किलोमीटर का प्राथमिकता कॉरिडोर बनाया है। इसमें तीन स्टेशन का काम शुरू हो चुका है, जबकि ताजमहल, आगरा किला और जामा मस्जिद तक ट्रैक व स्टेशन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है।