आगरा मेट्रो के 17 एलिवेटेड स्टेशनों का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। पहले कॉरिडोर के तीन स्टेशनों के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) से एनओसी नहीं मिली है। दूसरे कॉरिडोर के 14 एलिवेटेड स्टेशनों का टेंडर भी नहीं हो सका। इनका निर्माण 1841 करोड़ रुपये से होना है। इससे मेट्रो परियोजना पूर्ण होने में 8-10 महीने की देरी हो सकती है।
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उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) को शहर में 29.5 किमी पर मेट्रो का संचालन दिसंबर 2026 तक पूरा करना है। पहले कॉरिडोर में 13 स्टेशन हैं, इसके अंतिम तीन स्टेशन आईएसबीटी, गुरु का ताल और सिकंदरा एलिवेटेड हैं। इनका निर्माण 315 करोड़ रुपये से होगा।
दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनेगा। इसमें 14 स्टेशन हैं और इसका बजट 1526 करोड़ रुपये है। दोनों कॉरिडोर हाईवे से होकर गुजरेंगे। ऐसे में इसकी एनओसी अब तक नहीं मिली है। दूसरे कॉरिडोर के लिए बीते साल नवंबर में आवेदन मांगे गए थे, जिसमें 5 कंपनियों ने आवेदन किए। अगस्त आ गया, लेकिन टेंडर नहीं हो सका है। इससे मेट्रो का दोनों कॉरिडोर पर ट्रेन का संचालन पिछड़ रहा है।
यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा का कहना है कि दूसरे कॉरिडोर का टेंडर 13 अगस्त को प्रस्तावित है। दोनों कॉरिडोर के एलिवेटेड स्टेशनों के निर्माण के लिए एनएचएआई से एनओसी मांगी है, अगले सप्ताह तक मिलने की उम्मीद है।
एमजी रोड पर बैकअप कार्य करेंगे
उप महाप्रबंधक ने बताया कि मेट्रो के पहले कॉरिडोर में आरबीएस, राजा की मंडी, आगरा कॉलेज और एसएन मेडिकल कॉलेज स्टेशन भूमिगत हैं। इनके निर्माण के लिए एमजी रोड पर डायवर्जन की रूपरेखा तय है। ऐसे में इसका बैकअप कार्य शुरू कर रहे हैं। खुदाई पहले से चल रही है। सिविल कार्य के लिए बैरिकेडिंग करनी पड़ेगी। पुलिस और प्रशासन की ओर से अंतिम मुहर लगते ही बैरिकेडिंग कर कार्य शुरू करा दिया जाएगा।