आगरा में राष्ट्रीय हिन्दू परिषद भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोविंद पाराशर को पुलिस ने मंगलवार को नजरबंद कर दिया। गोविंद पाराशर ने तीन दिन पूर्व एक वीडियो जारी कर कानपुर के बिकरू कांड के कुख्यात अपराधी विकास दुबे के भतीजे अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे को रिहा करने की मांग की थी। पाराशर ने चेतावनी दी थी कि अगर तीन दिन में उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे कानपुर मुख्यालय पर जाकर आत्मदाह करेंगे।
हिंदुवादी नेता गोविंद पाराशर ने कहा था कि अगर खुशी दुबे का आपराधिक इतिहास है तो सरकार सार्वजनिक करे। अगर दोषी नहीं है तो जल्द खुशी दुबे को रिहा करे। उन्होंने कहा कि खुशी बिना अपराध किए सजा काट रहा है। जिंदगी और मौत से लड़ रही है।
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हिंदूवादी नेता गोविंद पाराशर मंगलवार तड़के करीब 4.30 बजे आगरा से कानपुर जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया और घर में नजरबंद कर दिया। गोविंद पाराशर ने यह जानकारी सोशल मीडिया के जरिए दी। उन्होंने कहा कि खुशी दुबे को इंसाफ मिलकर रहेगा। नजरबंद क्या मुझे अगर जेल में डालोगे तो भी खुशी दुबे इंसाफ के लिए लड़ता रहूंगा।
गोविंद पाराशर ने कहा, खुशी दुबे को इंसाफ दिलाने के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूं अगर वो हकीकत में दोषी है उसके दोष सामने लाने चाहिए अगर दोषी नहीं है उसको रिहा करना चाहिए। मैं उत्तर प्रदेश के बड़े चेहरों से पूछना चाहता हूं। उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा से, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से, कानून मंत्री बृजेश पाठक से कि खुशी दुबे कब रिहा होगी?
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