आगरा। अंगदान महापुण्य का काम माना जाता है। आपके अंगों से दूसरों को नया जीवन मिल सकता है। तमाम लोगों की मौत अंग खराब होने से हो जाती है। ऐसे लोगों को बचाने के लिए जिले के महादानी अंगदान कर भी रहे हैं। 80 लोगों ने नेशनल ऑर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (नोट्टो) में अंगदान के लिए पंजीकरण कराया है। लोगों को और भी जागरूक करने की जरूरत है।
समाजसेवी नरेश पारस ने बताया कि अंगदान के प्रति लोगों को प्रेरित करने के लिए जिले में नोट्टो शिविर का आयोजन किया गया था। इसमें 80 लोगों ने पंजीकरण कराया। उन्होंने खुद भी अंगदान किया है। नरेश पारस का कहना है कि उनके जीवन के बाद उनके अंग किसी और का सहारा बने, इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है। वह लोगों को अंगदान के लिए जागरूक भी करते हैं। समाजसेवी मुकेश जैन का कहना है कि हमारे देश में कई ऐसी मौतों को अंगदान के माध्यम से बचाया जा सकता है। यह बड़ा पुण्य कार्य है। इन्होंने खुद भी अंगदान के लिए पंजीकरण कराया है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग की प्रभारी डॉ. शेफाली मजूमदार का कहना है कि अंगदान का ही हिस्सा नेत्रदान है। सामाजिक संगठनों की मदद से लोगों में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। लोग नेत्रदान के लिए संपर्क भी कर रहे हैं।
अंगों के साथ ऊतकों का दान
अंगदान में व्यक्ति हृदय, फेफड़े, गुर्दे, यकृत, अग्नाशय (पैंक्रियाज), आंत अंगों के साथ टिशु (ऊतकों) में आंख, त्वचा, हड्डी, हृदय वाल्व, कान का पर्दा आदि का दान करता है।