बताए अनुसार दोनों नमूनों की जांच रिपोर्ट 19 जुलाई को आ गई थी, इसमें इन्हें अधोमानक, असुरक्षित और मिथ्याछाप बताया गया था। नियमानुसार जांच रिपोर्ट के बाद ही प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करते हुए खाद्य सामग्री को नष्ट कराया जाना था।
जिला अभिहित अधिकारी मनोज वर्मा ने कहा कि मेरी फेसबुक वाल पर तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष के बारे में कोई टिप्पणी की गई है, इसकी मुझे जानकारी ही नहीं है और मां भगवती इंटरप्राइजेज और श्रीजी कृष्णा छेना का मामला मेरे कार्यकाल से पहले का है।
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