आगरा: बुखार से बच्ची ने तोड़ा दम
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में जानलेवा बुखार का कहर बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में आठ मौत हो चुकी हैं। पिनाहट में बुखार से हो रही मौतों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग पुरजोर कोशिश कर रहा है लेकिन मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक पिनाहट मे बुखार से कुल 14 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमें दो बच्चों की बुखार से बुधवार को मौत हो गई। हुसैनपुरा निवासी खुशबू पुत्री रिंकू वर्मा उम्र करीब छह माह को दो दिन से बुखार आ रहा था। परिजन पिनाहट में निजी क्लीनिक से दवा दिला रहे थे। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे दवा लेकर आए। रात करीब दस बजे घर पर अचानक तबीयत बिगड़ी और बच्ची की मौत हो गयी। वहीं करकोली निवासी किशोरी नब्या पुत्री डब्बल सिह को दो दिन से बुखार आ रहा था। हालत बिगड़ने पर मंगलवार को परिजन आगरा के निजी अस्पताल मे लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान रात करीब तीन बजे मौत हो गई। वहीं मौत के बाद दोनों घरों में मातम छा गया।
पिनाहट में अब तक 14 मौत
पिनाहट में सबसे ज्यादा 14 लोगों की मौत हुई। बरहन में नौ, बाह में पांच, फतेहपुर सीकरी में चार, टेढ़ी बगिया में दो और खंदौली में तीन मरीजों की मौत हुई है। वहीं मंगलवार को आगरा के आठ मरीजों समेत 14 में डेंगू की पुष्टि हुई है। एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती 13 मरीज ठीक होने के बाद डिस्चार्ज कर दिए हैं। तीन नए मरीज भर्ती किए हैं।
पिनाहट के नगला भरी गांव की एक साल की जाह्नवी, पूरनपुरा में सात साल का अल्पेश और पूरा नत्था गांव के भूरी सिंह (42) की मौत हो गई। नगला भरी निवासी गिर्राज सिंह ने बताया कि बेटी को आठ दिनों से बुखार आ रहा था। पास में दुकान चलाने वाले झोलाछाप से दवा दिलाई थी, इससे उसकी हालत बिगड़ गई। शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई। पूरनपुरा निवासी अल्पेश को दो दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों ने बताया झोलाछाप से इलाज करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर फतेहाबाद सीएचसी ले जाते वक्त रास्ते में ही सांसें थम गईं। गांव पुरा नत्था निवासी भूरी सिंह भी आठ दिन से बीमार था। शहर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। मंगलवार की सुबह तड़के दम तोड़ दिया।
आजादी का अमृत महोत्सव: मथुरा में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने सीआईएसएफ जवानों संग दौड़ाई साइकिल