आगरा में पारिवारिक विवाद के चलते पत्नी ने अपने पति पर चाकू से हमला कर हत्या की कोशिश का आरोप लगाया। मगर अदालत में डॉक्टर की गवाही और वीडियो के विरोधाभास ने पत्नी की साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
पत्नी ने पति पर चाकू से हमला कर हत्या की कोशिश का आरोप लगाया। अदालत में डॉक्टर बोला कि ऐसा चोट चाकू से नहीं लग सकती, ये नाखून या हेयर पिन से ही आ सकती हैं। एडीजे-11 ने ठोस साक्ष्य के अभाव में दयालबाग निवासी चंद्रप्रकाश को बरी करने के आदेश दे दिए।
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थाना न्यू आगरा में दर्ज केस के अनुसार तपस्या सिंह ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि उनका अपने पति चंद्रप्रकाश एवं अन्य ससुराल वालों से से पारिवारिक विवाद चल रहा था। जिस बाबत उन्होंने 6 अप्रैल 2017 को थाना न्यू आगरा में केस दर्ज कराया था। इस बात से नाराज होकर पति मायके से उनकी 8 वर्षीय पुत्री को जबरन अपने साथ ले गया। 18 मई 2017 की शाम 5 वादिनी के पति ने घर में घुसकर गेट का ताला लगा दिया। चाकू से हमला कर हत्या करने की कोशिश की। जिससे गले एवं पेट पर गंभीर चोट आईं।
अदालत में गवाही के दौरान डॉक्टर सुनील कुमार यादव ने कहा कि पीड़िता को आई कोई भी चोट चाकू से आना संभव नहीं है। यह चोट नाखून एवं हेयर पिन से आना संभव है या फिर किसी कठोर वस्तु से आना संभव है। पीड़िता ने अपने बयानों में कथन किया कि घटना के दौरान आरोपी पति अपने कपड़े उतार वादिनी ऊपर बैठ गया और चाकू से हमला कर पति ने घटना का मोबाइल से वीडियो भी बनाया। जिसे अदालत ने भी माना, कोई आरोपी अपराध करने के दौरान स्वयं ही क्यों अपना वीडियो बनाएगा। वादिनी के बयान में गंभीर विरोधाभास दिखा।