श्री पारस अस्पताल पर मेहरबानियों के आरोप
सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय पर श्री पारस अस्पताल प्रकरण में मेहरबानियों के आरोप हैं। पिछले साल लगी श्री पारस अस्पताल की सील इस साल सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय की अगुवाई में खोली गई थी। कोविड अस्पताल का दर्जा भी सीएमओ ने दिलाया था।
इसके अलावा सीएमओ कार्यालय का एक बाबू भी श्री पारस अस्पताल संचालक डॉ. अरिंजय जैन पर मेहरबान रहा। बदले में बाबू ने अपने परिजन की श्री पारस में लैब खोल ली। इस मामले में राज्यमंत्री डॉ. उदयभान सिंह ने शासन में शिकायत की। जिसके बाद बाबू को अस्पताल पंजीकरण पटल से हटाया गया था।
मनमानी वसूली पर नहीं लगा सके रोक
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में मरीजों को निजी अस्पतालों में उचित उपचार उपलब्ध कराने के लिए बेड की कीमतें तय की थीं, परंतु आगरा में कोविड अस्पतालों ने मनमानी वसूली की। महामारी समिति में 55 से अधिक शिकायतें आईं।
जिसके बाद मामला हाईकोर्ट में चला गया। शासन को शपथ पत्र दाखिल करना पड़ा। ऐसे अस्पतालों के विरुद्ध आरोप साबित होने के बाद भी सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय ने ठोस कार्रवाई नहीं की। जिसका खामियाजा उन्हें तबादले के रूप में उठाना पड़ा।