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श्री पारस अस्पताल मामले में गिरी गाज: लापरवाही बरतने पर आगरा के सीएमओ हटाए गए

Fri, 16 Jul 2021 09:38 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

पिछले साल आगरा में खराब कोविड प्रबंधन को लेकर सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स पर गाज गिरी थी। इस बार सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय नप गए। इन पर मॉकड्रिल कांड की जांच व अस्पतालों की लापरवाही के खिलाफ लचर कार्यशैली को लेकर आरोप लग रहे थे। 
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सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय का हुआ तबादल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के श्री पारस अस्पताल प्रकरण में गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश चंद (आरसी) पांडेय को शासन ने पद से हटा दिया है। सीएमओ पर मॉकड्रिल कांड में जांच और कोविड मरीजों से मनमानी वसूली करने वाले अस्पतालों के खिलाफ लचर कार्यशैली के आरोप लग रहे थे। जिसके बाद गुरुवार को सीएमओ की तबादला सूची में डॉ. पांडेय का नाम शामिल हो गया।

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श्री पारस अस्पताल में 26 अप्रैल की सुबह ऑक्सीजन की मॉकड्रिल की गई। जिसमें कथित 22 मौतों के आरोप लगे। जांच में स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता नहीं दिखाई। जिसके बाद उनकी भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए। गुरुवार को शासन ने 50 सीएमओ की तबादला सूची जारी की। जिसमें डॉ. आरसी पांडेय पर गाज गिर गई। पांडेय करीब 14 महीने आगरा में सीएमओ रहे। 

इनसे पहले मई 2020 में खराब कोविड प्रबंधन के लिए तत्कालीन सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स पर गाज गिरी थी। उन्हें सीएमओ पद से हटाकर तब शासन ने डीएम कार्यालय से संबंद्ध किया था। सेवानिवृत्त होने तक वह डीएम कार्यालय से संबंद्ध रहे। सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय की जगह स्वास्थ्य महानिदेशालय में संयुक्त निदेशक के पद पर तैनात डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव को नया सीएमओ बनाया गया है। उनकी जगह डॉ. आरसी पांडेय को भेजा गया है।

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श्री पारस अस्पताल पर मेहरबानियों के आरोप
सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय पर श्री पारस अस्पताल प्रकरण में मेहरबानियों के आरोप हैं। पिछले साल लगी श्री पारस अस्पताल की सील इस साल सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय की अगुवाई में खोली गई थी। कोविड अस्पताल का दर्जा भी सीएमओ ने दिलाया था। 

इसके अलावा सीएमओ कार्यालय का एक बाबू भी श्री पारस अस्पताल संचालक डॉ. अरिंजय जैन पर मेहरबान रहा। बदले में बाबू ने अपने परिजन की श्री पारस में लैब खोल ली। इस मामले में राज्यमंत्री डॉ. उदयभान सिंह ने शासन में शिकायत की। जिसके बाद बाबू को अस्पताल पंजीकरण पटल से हटाया गया था।

मनमानी वसूली पर नहीं लगा सके रोक
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में मरीजों को निजी अस्पतालों में उचित उपचार उपलब्ध कराने के लिए बेड की कीमतें तय की थीं, परंतु आगरा में कोविड अस्पतालों ने मनमानी वसूली की। महामारी समिति में 55 से अधिक शिकायतें आईं। 

जिसके बाद मामला हाईकोर्ट में चला गया। शासन को शपथ पत्र दाखिल करना पड़ा। ऐसे अस्पतालों के विरुद्ध आरोप साबित होने के बाद भी सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय ने ठोस कार्रवाई नहीं की। जिसका खामियाजा उन्हें तबादले के रूप में उठाना पड़ा।
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