यमुना नदी के किनारे बसे आगरा और मथुरा शहरों के लोगों की प्यास गंगाजल बुझाएगा।
प्रदेश सरकार पालरा (बुलंदशहर) से 140 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डालकर आगरा और मथुरा के लोगों को पीने के पानी के लिए गंगाजल उपलब्ध कराएगी।
यह काम जायका (जापान इंटरनेशनल को-आपरेशन एजेंसी) के सहयोग से होगा।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने सोमवार को जायका के सहयोग से चलने वाली योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को आगरा पेयजल योजना का काम जुलाई 2017 तक पूरा करने का निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इसके लिए लक्ष्य तय कर कार्य तेजी से किए जाएं। उस्मानी ने इस योजना के अंतर्गत 144 एमएलडी के नए ट्रीटमेंट प्लांट सहित समस्त कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे कराने को कहा।
जायका की ओर से प्रदेश की अन्य मुख्य परियोजनाओं के वित्त पोषण में रुचि दिखाए जाने पर मुख्य सचिव ने बताया कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे व लखनऊ मेट्रो की परियोजनाओं के प्रस्ताव विचाराधीन हैं।
यदि इन परियोजनाओं के लिए कोई प्रस्ताव दिया जाता है तो सरकार उस पर गंभीरता से विचार करेगी।
बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास सीबी पालीवाल, विशेष सचिव नगर विकास एसपी सिंह, जायका मिशन के इचीगुची आदि उपस्थित रहे।